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Kangra News: बिना जानकारी के साडा में शामिल करने पर लोगों ने किया विरोध
Wed, 21 Aug 2024 05:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 21 Aug 2024 05:02 AM IST
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बैजनाथ (कांगड़ा)। साडा (स्पेशल एरिया डेवलेपमेंट अथॉरिटी) के विरोध में भारी बारिश के बीच गुनेहड़ के पंचायत घर में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पंचायत प्रधान अंजना देवी और उप प्रधान दुनी चंद की अध्यक्षता में बैठक भी हुई इसमें लगभग 150 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान लोगों ने बताया कि वे हैरान हैं कि बिना जानकारी दिए उन पर कोई कानून लाद दिया गया है।
जिन क्षेत्रों में पहले से यह कानून लागू है, वहां पर सरकार ने क्या अच्छा किया है। पहले वह बताएं उसके बाद में बाकी क्षेत्रों में इसे लागू किया जाए। साडा के क्षेत्रों से जो भी फंड इकट्ठा किया जाता है, उस फंड का भी मात्र 10 प्रतिशत ही वहां पर खर्च किया गया और न ही सरकार की तरफ से बजट मिला है। गुनेहड़ पंचायत के तहत आने वाले बिलिंग के टेक ऑफ प्वाइंट में शुरू से ही साडा है, लेकिन वहां पर भी विकास के नाम अब तक कुछ नहीं हुआ है।
इसी पंचायत के कोटली वार्ड में सरकार ने आज तक क्या-क्या किया है वह भी बताएं, क्योंकि वह भी शुरू से ही साडा के अंतर्गत है। क्योर के लैंडिंग के साथ लगते मंडी जिला के क्षेत्र में ऐसा कोई भी कानून लागू नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार पहले विकास की पूरी सुविधा दे उसके बाद वहां पर कोई भी ऐसा कानून लागू करने के बारे में सोचे। लोगों में हैरानी है कि मार्च महीने में चोरी छुपे निकाली गई इस नोटिफिकेशन के बारे में पंचायत से कोई भी एनओसी नहीं ली गई है और पांच महीने बाद अब जाकर इस नोटिफिकेशन की भनक पंचायत को लगी है।
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जिन क्षेत्रों में पहले से यह कानून लागू है, वहां पर सरकार ने क्या अच्छा किया है। पहले वह बताएं उसके बाद में बाकी क्षेत्रों में इसे लागू किया जाए। साडा के क्षेत्रों से जो भी फंड इकट्ठा किया जाता है, उस फंड का भी मात्र 10 प्रतिशत ही वहां पर खर्च किया गया और न ही सरकार की तरफ से बजट मिला है। गुनेहड़ पंचायत के तहत आने वाले बिलिंग के टेक ऑफ प्वाइंट में शुरू से ही साडा है, लेकिन वहां पर भी विकास के नाम अब तक कुछ नहीं हुआ है।
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इसी पंचायत के कोटली वार्ड में सरकार ने आज तक क्या-क्या किया है वह भी बताएं, क्योंकि वह भी शुरू से ही साडा के अंतर्गत है। क्योर के लैंडिंग के साथ लगते मंडी जिला के क्षेत्र में ऐसा कोई भी कानून लागू नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार पहले विकास की पूरी सुविधा दे उसके बाद वहां पर कोई भी ऐसा कानून लागू करने के बारे में सोचे। लोगों में हैरानी है कि मार्च महीने में चोरी छुपे निकाली गई इस नोटिफिकेशन के बारे में पंचायत से कोई भी एनओसी नहीं ली गई है और पांच महीने बाद अब जाकर इस नोटिफिकेशन की भनक पंचायत को लगी है।
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