{"_id":"695046153ca5f844d20aa02a","slug":"people-expressed-anger-over-the-death-of-cows-due-to-explosives-kangra-news-c-95-1-kng1004-212979-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: विस्फोटक से गायों की मौत पर लोगों का फूटा गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: विस्फोटक से गायों की मौत पर लोगों का फूटा गुस्सा
विज्ञापन
बरियाल, जवाली (कांगड़ा)। विस्फोट से पौंग झील के किनारे बसे गांवों में पालतू गायों की मौत के मामले को सुलझाने में हो रही देरी से गोरक्षकों में गुस्सा बढ़ने लगे पड़ा है। गुस्साए लोगों ने शनिवार को रोष प्रकट किया और पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा के नेतृत्व में जवाली के एसडीएम को ज्ञापन देकर विस्फोटक पदार्थ बिछाने वालों को शीघ्र पकड़ने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि विस्फोटक से पालतू गायों की हत्या करने वालों को शीघ्र पकड़ा नहीं गया तो क्षेत्र के लोग सरकार-प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
10 दिसंबर को पनालथ और 14 दिसंबर को फारियां में विस्फोट युक्त घास चरने से गायों की मौत हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पौंग झील वेटलैंड में भूमाफियों, शिकारियों और शरारती तत्वों को वन्य प्राणी विभाग ने खुली छूट दे रखी है। अगर वन्य प्राणी विभाग और पुलिस प्रशासन मिलकर इसकी गंभीरता से जांच और निगरानी करती है तो विस्फोटक पदार्थ का शिकार के लिए प्रयोग करने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विस्फोटक पदार्थ का प्रयोग करने वाले इन शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए सरकारी और गैर सरकारी सदस्य की एक जांच कमेटी का गठन किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में उजागर सिंह, नसीब सिंह गुलेरिया, रिटायर्ड हेड मास्टर सीता देवी, लेख राज, विनता गुलेरिया, एडवोकेट भीखम पगडोत्रा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
विस्फोट मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अभी तक विस्फोटक पदार्थ का शिकार के लिए प्रयोग करने वालों का सुराग नहीं लग पाया है। शीघ्र ही एक बड़ी कार्रवाई कर इन पर शिकंजा कसा जाएगा।
विज्ञापन
- धर्म चंद वर्मा, एएसपी नूरपुर
विज्ञापन
10 दिसंबर को पनालथ और 14 दिसंबर को फारियां में विस्फोट युक्त घास चरने से गायों की मौत हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पौंग झील वेटलैंड में भूमाफियों, शिकारियों और शरारती तत्वों को वन्य प्राणी विभाग ने खुली छूट दे रखी है। अगर वन्य प्राणी विभाग और पुलिस प्रशासन मिलकर इसकी गंभीरता से जांच और निगरानी करती है तो विस्फोटक पदार्थ का शिकार के लिए प्रयोग करने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विस्फोटक पदार्थ का प्रयोग करने वाले इन शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए सरकारी और गैर सरकारी सदस्य की एक जांच कमेटी का गठन किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में उजागर सिंह, नसीब सिंह गुलेरिया, रिटायर्ड हेड मास्टर सीता देवी, लेख राज, विनता गुलेरिया, एडवोकेट भीखम पगडोत्रा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विस्फोट मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अभी तक विस्फोटक पदार्थ का शिकार के लिए प्रयोग करने वालों का सुराग नहीं लग पाया है। शीघ्र ही एक बड़ी कार्रवाई कर इन पर शिकंजा कसा जाएगा।
विज्ञापन
- धर्म चंद वर्मा, एएसपी नूरपुर