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कोरोना के मामले घटने से बेफिक्र हुए लोगों ने मास्क पहनना छोड़ा
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मैक्लोडगंज में बिना मास्क के बेखौफ घूमते हुए पर्यटक।
- फोटो : Kangra
धर्मशाला। कोरोना महामारी की तीसरी लहर का असर कम होने के साथ ही लोगों ने मास्क पहनने की आदत छोड़ दी है। बाजार या अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आम और खास व्यक्ति बिना मास्क घूमता दिखाई देता है। हालत यह है कि लोगों के मास्क न पहनने के बाद बाजार में मास्क की बिक्री में करीब 80 फीसदी तक की कमी आ गई है।
अब अधिकतर वही लोग मास्क पहन रहे हैं, जिन्हें नियमों की अनिवार्यता में बंधे होने के कारण मास्क पहनना पड़ रहा है। इनमें से अधिकतर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोग, स्कूलों के बच्चे और सरकारी दफ्तरों में मास्क पहनने का नियम होने के कारण ही मास्क पहन रहे हैं। चीन, भारत की राजधानी दिल्ली सहित देश के कई अन्य हिस्सों में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने शुरू हुए हैं। ऐसे में विशेषज्ञ बार-बार मास्क पहनने, दो गज की दूरी के नियम का पालन करने सहित कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की हिदायत दे रहे हैं।
क्या बोले मास्क विक्रेता
स्कूल जाने वाले बच्चे और कर्मचारी ही खरीद रहे मास्क : अमित
कोतवाली बाजार के मास्क विक्रेता अमित कुमार ने बताया कि पहले उनकी दुकान से रोजाना 60 के करीब मास्क बिकते थे। अब मुश्किल से दस से 15 मास्क ही बिक पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल स्कूलों में जाने वाले बच्चे, अस्पताल में इलाज के लिए जा रहे लोग और दफ्तरों के कर्मचारी ही मास्क खरीद रहे हैं।
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80 फीसदी तक घट गई बिक्री : नवीन
कोतवाली बाजार के नवीन ने बताया कि उनकी दुकान से पहले दिन में कभी-कभी दो पैकेट तक मास्क के बिक जाते थे। पिछले एक महीने की तुलना में दुकान पर मास्क की बिक्री में करीब 80 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि लोगों में मास्क के लिए अब बेफिक्री देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञ की राय
उपचार से बचाव ही बेहतर : डॉ उदय
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के मेडिकल ऑफिसर और एचएमओए कांगड़ा के महासचिव डॉ. उदय ने बताया कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। चीन और भारत में दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं। कुछ विशेषज्ञों ने जून माह से चौथी लहर की आशंका भी जताई है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर से सबक न लेने से हालात बिगड़े थे। हमें चौथी लहर के संभावित खतरों को देखते हुए अभी से सजग होकर कोविड दिशा निर्देशों के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि उपचार से बचाव ही बेहतर होता है।
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अब अधिकतर वही लोग मास्क पहन रहे हैं, जिन्हें नियमों की अनिवार्यता में बंधे होने के कारण मास्क पहनना पड़ रहा है। इनमें से अधिकतर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोग, स्कूलों के बच्चे और सरकारी दफ्तरों में मास्क पहनने का नियम होने के कारण ही मास्क पहन रहे हैं। चीन, भारत की राजधानी दिल्ली सहित देश के कई अन्य हिस्सों में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने शुरू हुए हैं। ऐसे में विशेषज्ञ बार-बार मास्क पहनने, दो गज की दूरी के नियम का पालन करने सहित कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की हिदायत दे रहे हैं।
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क्या बोले मास्क विक्रेता
स्कूल जाने वाले बच्चे और कर्मचारी ही खरीद रहे मास्क : अमित
कोतवाली बाजार के मास्क विक्रेता अमित कुमार ने बताया कि पहले उनकी दुकान से रोजाना 60 के करीब मास्क बिकते थे। अब मुश्किल से दस से 15 मास्क ही बिक पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल स्कूलों में जाने वाले बच्चे, अस्पताल में इलाज के लिए जा रहे लोग और दफ्तरों के कर्मचारी ही मास्क खरीद रहे हैं।
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80 फीसदी तक घट गई बिक्री : नवीन
कोतवाली बाजार के नवीन ने बताया कि उनकी दुकान से पहले दिन में कभी-कभी दो पैकेट तक मास्क के बिक जाते थे। पिछले एक महीने की तुलना में दुकान पर मास्क की बिक्री में करीब 80 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि लोगों में मास्क के लिए अब बेफिक्री देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञ की राय
उपचार से बचाव ही बेहतर : डॉ उदय
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के मेडिकल ऑफिसर और एचएमओए कांगड़ा के महासचिव डॉ. उदय ने बताया कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। चीन और भारत में दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों में कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं। कुछ विशेषज्ञों ने जून माह से चौथी लहर की आशंका भी जताई है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर से सबक न लेने से हालात बिगड़े थे। हमें चौथी लहर के संभावित खतरों को देखते हुए अभी से सजग होकर कोविड दिशा निर्देशों के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि उपचार से बचाव ही बेहतर होता है।