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Kangra News: ऑनलाइन बुकिंग बंद, अब एजेंसियों में कॉपी दिखाने पर मिलेगा गैस सिलिंडर
Thu, 12 Mar 2026 02:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 12 Mar 2026 02:22 AM IST
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अमरजीत उर्फ बोला
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में एलपीजी गैस सिलिंडर की बुकिंग और वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो गया है। ऑनलाइन बुकिंग बंद हो गई है। अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी या डिलीवरी मैन को गैस कॉपी दिखाए बिना सिलिंडर नहीं मिलेगा। नए नियमों के तहत अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगले 25 दिनों तक दूसरी बुकिंग नहीं की जा सकेगी।
इस नियम के लागू होते ही लगभग सभी गैस एजेंसियों के ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल और सर्वर बंद कर दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब स्वयं एजेंसी जाकर या मैनुअल प्रक्रिया अपनानी होगी। अब गैस की सप्लाई देने वाला व्यक्ति उपभोक्ता की कॉपी पर पिछले घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी तिथि की जांच करेगा। निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद ही नया सिलिंडर जारी किया जाएगा। इस सख्ती के कारण उन उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है जो डिजिटल माध्यमों से बुकिंग के आदी थे।
व्यावसायिक सिलिंडर सप्लाई पर संकट, ढाबा संचालक चिंतिंत
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक (कमर्शियल) सेक्टर में भी संकट गहरा गया है। जिले के गोदामों में अब केवल 2305 व्यावसायिक सिलिंडरों की खेप बची है, जिसे आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित रखा गया है। हालांकि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों की कैंटीन को प्राथमिकता पर सप्लाई दी जा रही है, लेकिन होटल और ढाबा संचालकों की रिफिलिंग पर रोक लगने से उनका कारोबार ठप होने की कगार पर है। स्थानीय ढाबा संचालकों ने कहा कि छोटे कारोबारियों की आजीविका गैस सप्लाई पर निर्भर करती है। ऐसे में व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता न होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
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पिछले दो दिनों से कमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद है। हमारा पूरा काम गैस पर ही निर्भर है। सप्लाई न होने के कारण अब बाहर से आने वाले ग्राहकों के ऑर्डर्स के लिए मना करना पड़ रहा है। -अमरजीत उर्फ भोला, लंबागांव
ढाबे के कारोबार पूरी तरह गैस पर आधारित है। सप्लाई न आने की स्थिति में ढाबा संचालकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे। ग्राहक खाली हाथ लौटेंगे। -कर्णवीर चौहान, ढाबा संचालक, लंबागांव
गैस सिलिंडर पहले से अधिक महंगे हो गए हैं। अब बुधवार को बड़ी मुश्किल से एक गैस सिलिंडर मिल पाया है। यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में कारोबार को चलाना भी असंभव होगा। -लील बहादुर, ढाबा संचालक, धर्मशाला
शिक्षा विभाग और अस्पतालों की कैंटीनों को व्यावसायिक सिलिंडरों की नियमित सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जा रही है। वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक का उपयोग आपातकालीन जरूरतों के लिए किया जाएगा। -अभिषेक, सीनियर सेल अधिकारी, इंडेन ऑयल
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इस नियम के लागू होते ही लगभग सभी गैस एजेंसियों के ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल और सर्वर बंद कर दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब स्वयं एजेंसी जाकर या मैनुअल प्रक्रिया अपनानी होगी। अब गैस की सप्लाई देने वाला व्यक्ति उपभोक्ता की कॉपी पर पिछले घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी तिथि की जांच करेगा। निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद ही नया सिलिंडर जारी किया जाएगा। इस सख्ती के कारण उन उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है जो डिजिटल माध्यमों से बुकिंग के आदी थे।
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व्यावसायिक सिलिंडर सप्लाई पर संकट, ढाबा संचालक चिंतिंत
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक (कमर्शियल) सेक्टर में भी संकट गहरा गया है। जिले के गोदामों में अब केवल 2305 व्यावसायिक सिलिंडरों की खेप बची है, जिसे आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित रखा गया है। हालांकि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों की कैंटीन को प्राथमिकता पर सप्लाई दी जा रही है, लेकिन होटल और ढाबा संचालकों की रिफिलिंग पर रोक लगने से उनका कारोबार ठप होने की कगार पर है। स्थानीय ढाबा संचालकों ने कहा कि छोटे कारोबारियों की आजीविका गैस सप्लाई पर निर्भर करती है। ऐसे में व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता न होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
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पिछले दो दिनों से कमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद है। हमारा पूरा काम गैस पर ही निर्भर है। सप्लाई न होने के कारण अब बाहर से आने वाले ग्राहकों के ऑर्डर्स के लिए मना करना पड़ रहा है। -अमरजीत उर्फ भोला, लंबागांव
ढाबे के कारोबार पूरी तरह गैस पर आधारित है। सप्लाई न आने की स्थिति में ढाबा संचालकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे। ग्राहक खाली हाथ लौटेंगे। -कर्णवीर चौहान, ढाबा संचालक, लंबागांव
गैस सिलिंडर पहले से अधिक महंगे हो गए हैं। अब बुधवार को बड़ी मुश्किल से एक गैस सिलिंडर मिल पाया है। यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में कारोबार को चलाना भी असंभव होगा। -लील बहादुर, ढाबा संचालक, धर्मशाला
शिक्षा विभाग और अस्पतालों की कैंटीनों को व्यावसायिक सिलिंडरों की नियमित सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जा रही है। वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक का उपयोग आपातकालीन जरूरतों के लिए किया जाएगा। -अभिषेक, सीनियर सेल अधिकारी, इंडेन ऑयल

अमरजीत उर्फ बोला

अमरजीत उर्फ बोला

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