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Kangra News: मौसम की मार से नर्सरी संचालक चिंतित, नहीं मिल रही डिमांड
Wed, 20 Nov 2024 05:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 20 Nov 2024 05:05 AM IST
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खास खबर...
बारिश न होने से पौधे लगाने के लिए खेतों में नहीं है पर्याप्त नमी
उद्यान विभाग शुरू नहीं कर पा रहा पौधों की प्रूनिंग का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। मौसम की बेरुखी के कारण जहां किसान परेशान हैं वहीं, नर्सरी संचालक और उद्यान विभाग भी चिंतित हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खतों से नमी सूख रही है। इस वजह से अभी तक न तो नर्सरियों में सर्दियों में लगने वाले पौधे पहुंचे हैं और न किसान पौधों के लिए डिमांड दे रहे हैं।
वहीं, उद्यान विभाग ने अभी तक फलदार पौधों की प्रूनिंग (छंटाई का कार्य) भी शुरू नहीं कर पाया है। हर किसी की नजर इस समय आसमान की ओर है। सूखे जैसे हालात ने किसानों को परेशानियों में डाल रखा है। किसानों को मजबूरन सूखे खेतों में ही गेहूं की बिजाई करनी पड़ रही है।
वैसे तो हर साल उद्यान विभाग की ओर नर्सरियों में 15 दिसंबर से सर्दियों में लगने वाले फलदार पौधों की बिक्री शुरू कर दी जाती थी, लेकिन अगर दिसंबर के पहले हफ्ते तक बारिश नहीं हुई तो इस बार पौधों का वितरण देरी से हो सकता है।
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जानकारी के अनुसार सर्दियों में सेब, चेरी, खुमानी, प्लम, अखरोट, कीवी, बादाम, अनार, पिस्ता, ओलिव, आड़ू आदि के पौधे रोपे जाते हैं। इसके लिए फरवरी तक का समय रहता है।
अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो नए पौधों को लगाना और उन्हें टिकाना किसानों के लिए मुश्किल हो जाएगा। सूखे के कारण अभी तक किसानों ने न तो सरकारी नर्सिरियों में और न निजी नर्सरियों में पौधों के लिए संपर्क किया है। विभाग के अनुसार जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा है, वहां पर किसान 15 दिसंबर के बाद पौधे लगा सकते हैं, लेकिन कोहरे वाले स्थानों पर बिना बारिश पौधे टिक नहीं पाएंगे।
कोट्स:
गगल स्थित वीके फ्लावर नर्सरी के संचालक विवेक ने बताया कि अभी तक सर्दियों में लगने वाले फलदार पौधों की खेप नहीं पहुंची है। बारिश न होने के कारण अभी किसानों की डिमांड भी नहीं आ रही है। बारिश के बाद भी किसान डिमांड देंगे।
कोट्स:
15 दिसंबर से फलदार पौधों की बिक्री शुरू कर दी जाएगी। डिमांड के अनुसार पौधे किसानों को दिए जाएंगे, लेकिन अभी बारिश न होने के कारण खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है। इससे नए पौधे टिक नहीं पाएंगे। अगर दिसंबर के पहले हफ्ते में बारिश होती है तो 15 से वितरण शुरू कर दिया जाएगा। किसान अपनी डिमांड विभाग के ब्लॉक कार्यालयों में दे सकते हैं।
- डॉ. कमलशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा
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बारिश न होने से पौधे लगाने के लिए खेतों में नहीं है पर्याप्त नमी
उद्यान विभाग शुरू नहीं कर पा रहा पौधों की प्रूनिंग का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। मौसम की बेरुखी के कारण जहां किसान परेशान हैं वहीं, नर्सरी संचालक और उद्यान विभाग भी चिंतित हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खतों से नमी सूख रही है। इस वजह से अभी तक न तो नर्सरियों में सर्दियों में लगने वाले पौधे पहुंचे हैं और न किसान पौधों के लिए डिमांड दे रहे हैं।
वहीं, उद्यान विभाग ने अभी तक फलदार पौधों की प्रूनिंग (छंटाई का कार्य) भी शुरू नहीं कर पाया है। हर किसी की नजर इस समय आसमान की ओर है। सूखे जैसे हालात ने किसानों को परेशानियों में डाल रखा है। किसानों को मजबूरन सूखे खेतों में ही गेहूं की बिजाई करनी पड़ रही है।
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वैसे तो हर साल उद्यान विभाग की ओर नर्सरियों में 15 दिसंबर से सर्दियों में लगने वाले फलदार पौधों की बिक्री शुरू कर दी जाती थी, लेकिन अगर दिसंबर के पहले हफ्ते तक बारिश नहीं हुई तो इस बार पौधों का वितरण देरी से हो सकता है।
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जानकारी के अनुसार सर्दियों में सेब, चेरी, खुमानी, प्लम, अखरोट, कीवी, बादाम, अनार, पिस्ता, ओलिव, आड़ू आदि के पौधे रोपे जाते हैं। इसके लिए फरवरी तक का समय रहता है।
अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो नए पौधों को लगाना और उन्हें टिकाना किसानों के लिए मुश्किल हो जाएगा। सूखे के कारण अभी तक किसानों ने न तो सरकारी नर्सिरियों में और न निजी नर्सरियों में पौधों के लिए संपर्क किया है। विभाग के अनुसार जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा है, वहां पर किसान 15 दिसंबर के बाद पौधे लगा सकते हैं, लेकिन कोहरे वाले स्थानों पर बिना बारिश पौधे टिक नहीं पाएंगे।
कोट्स:
गगल स्थित वीके फ्लावर नर्सरी के संचालक विवेक ने बताया कि अभी तक सर्दियों में लगने वाले फलदार पौधों की खेप नहीं पहुंची है। बारिश न होने के कारण अभी किसानों की डिमांड भी नहीं आ रही है। बारिश के बाद भी किसान डिमांड देंगे।
कोट्स:
15 दिसंबर से फलदार पौधों की बिक्री शुरू कर दी जाएगी। डिमांड के अनुसार पौधे किसानों को दिए जाएंगे, लेकिन अभी बारिश न होने के कारण खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है। इससे नए पौधे टिक नहीं पाएंगे। अगर दिसंबर के पहले हफ्ते में बारिश होती है तो 15 से वितरण शुरू कर दिया जाएगा। किसान अपनी डिमांड विभाग के ब्लॉक कार्यालयों में दे सकते हैं।
- डॉ. कमलशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा