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मां का पहला दूध बच्चे के लिए प्राकृतिक टीका : राजेंद्र
Thu, 06 Aug 2026 08:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 06 Aug 2026 08:23 PM IST
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धर्मशाला/ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य खंड ज्वालामुखी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर कथोग में विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। टीकाकरण सत्र में पहुंचीं ग्रामीण और धात्री माताओं को शिशु स्वास्थ्य व पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
एनएचएम के बीसीसी को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए पहला प्राकृतिक टीका है, जो उसे बीमारियों से बचाता है। उन्होंने जोर दिया कि जन्म के शुरुआती छह महीनों तक शिशु को केवल स्तनपान ही कराया जाना चाहिए। इस दौरान पानी देने की भी जरूरत नहीं होती। नियमित स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सत्र के दौरान महिलाओं को स्वच्छता, पोषण दिवस, ओआरएस, स्क्रब टायफस और सर्पदंश से बचाव की जानकारी भी दी गई। बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने और माताओं को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। ब्यूरो/संवाद
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एनएचएम के बीसीसी को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए पहला प्राकृतिक टीका है, जो उसे बीमारियों से बचाता है। उन्होंने जोर दिया कि जन्म के शुरुआती छह महीनों तक शिशु को केवल स्तनपान ही कराया जाना चाहिए। इस दौरान पानी देने की भी जरूरत नहीं होती। नियमित स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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सत्र के दौरान महिलाओं को स्वच्छता, पोषण दिवस, ओआरएस, स्क्रब टायफस और सर्पदंश से बचाव की जानकारी भी दी गई। बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने और माताओं को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। ब्यूरो/संवाद
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