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मानसून नुकसान : कांगड़ा में केंद्रीय टीम ने की राहत कार्यों की समीक्षा
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लेने कांगड़ा पहुंची अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिले में हुए नुकसान और पुनर्वास कार्यों का पूरा ब्योरा रखा।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में विभिन्न हादसों में 15 लोगों की जान गई और 76 पशुधन का नुकसान हुआ। नूरपुर, देहरा और पालमपुर सर्कल में करीब 854 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे 269.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, 428 प्रभावित पेयजल योजनाओं में 64.06 करोड़ रुपये की क्षति आंकी गई है, जिनमें से 330 योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है।
जिले की 89 सिंचाई योजनाओं, बिजली ढांचे, कृषि और शिक्षा क्षेत्र को भी भारी क्षति पहुंची है। बिजली ढांचे को 204.57 लाख, शिक्षा को 2.57 करोड़, स्वास्थ्य को 75 लाख, कृषि को 63.97 लाख और बागवानी को 10.73 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा 21 जुलाई को शाहपुर की बोह घाटी के घड़गूं गांव में 22 परिवारों के 95 प्रभावितों को फौरी राहत देकर अस्थायी कैंपों में ठहराया गया।
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उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए विशेष राहत राशि 1.30 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की है। उन्होंने केंद्र से आपदा राहत के आर्थिक सहायता मानकों में संशोधन की सिफारिश करने का आग्रह किया। संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि केंद्र स्तर पर इस दिशा में कार्य अंतिम चरण में है और मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
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उपायुक्त ने बताया कि जिले में विभिन्न हादसों में 15 लोगों की जान गई और 76 पशुधन का नुकसान हुआ। नूरपुर, देहरा और पालमपुर सर्कल में करीब 854 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे 269.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, 428 प्रभावित पेयजल योजनाओं में 64.06 करोड़ रुपये की क्षति आंकी गई है, जिनमें से 330 योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है।
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जिले की 89 सिंचाई योजनाओं, बिजली ढांचे, कृषि और शिक्षा क्षेत्र को भी भारी क्षति पहुंची है। बिजली ढांचे को 204.57 लाख, शिक्षा को 2.57 करोड़, स्वास्थ्य को 75 लाख, कृषि को 63.97 लाख और बागवानी को 10.73 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा 21 जुलाई को शाहपुर की बोह घाटी के घड़गूं गांव में 22 परिवारों के 95 प्रभावितों को फौरी राहत देकर अस्थायी कैंपों में ठहराया गया।
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उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए विशेष राहत राशि 1.30 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की है। उन्होंने केंद्र से आपदा राहत के आर्थिक सहायता मानकों में संशोधन की सिफारिश करने का आग्रह किया। संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि केंद्र स्तर पर इस दिशा में कार्य अंतिम चरण में है और मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।