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Kangra News: सेवानिवृत्ति के बाद स्वरोजगार अपनाएंगे सैन्य अफसर
Sat, 14 Mar 2026 07:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 14 Mar 2026 07:49 AM IST
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कृषि विवि पालमपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते सैन्य कर्मी। -स्रोत : कृषि विवि
पालमपुर (कांगड़ा)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में देश के सैन्य कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य सैन्य अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद कृषि आधारित क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। इस कार्यक्रम में थल सेना के 23, नौसेना के 9 और वायुसेना के 2 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. विनोद शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को चारों विषयों में गहन कक्षा व्याख्यान, प्रदर्शन तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने के आवश्यक कौशल प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्र विशेषकर ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आय सृजन की अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। कुलपति प्रो. एके पांडा के संदेश को साझा करते हुए उन्होंने जवानों को इन कौशलों के जरिए सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. लव भूषण ने बताया कि प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तकनीक, उन्नत प्रबंधन और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे अपनी नई पारी की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें। इस अवसर पर विवि के विभिन्न अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
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कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. विनोद शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को चारों विषयों में गहन कक्षा व्याख्यान, प्रदर्शन तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने के आवश्यक कौशल प्राप्त कर सकें।
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उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्र विशेषकर ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आय सृजन की अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। कुलपति प्रो. एके पांडा के संदेश को साझा करते हुए उन्होंने जवानों को इन कौशलों के जरिए सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. लव भूषण ने बताया कि प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तकनीक, उन्नत प्रबंधन और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे अपनी नई पारी की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें। इस अवसर पर विवि के विभिन्न अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
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