{"_id":"69c9384160b6518aef0a9721","slug":"lieutenant-colonel-nikhil-of-palampur-received-the-army-medal-kangra-news-c-95-1-ssml1021-226883-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: पालमपुर के लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल को मिला सेना मेडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: पालमपुर के लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल को मिला सेना मेडल
Mon, 30 Mar 2026 08:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 30 Mar 2026 08:03 AM IST
विज्ञापन
पालमपुर के लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल ठाकुर सेना मेडल प्राप्त करते। -स्रोत : परिजन
पालमपुर (कांगड़ा)। अदम्य साहस और वीरता की धरती पालमपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। पालमपुर के सुग्गर निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल ठाकुर को शनिवार को उधमपुर में सेना मेडल से अलंकृत किया गया। नार्दन कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक कुमार ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
कर्नल निखिल को यह पदक जम्मू-कश्मीर के दुर्गम जंगलों में सफल ऑपरेशन का नेतृत्व करने और एक खूंखार आतंकी को ढेर करने के लिए दिया गया है। जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2024 को जम्मू-कश्मीर के घने जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर एक बड़ा अभियान चलाया गया था। इन्फैंट्री यूनिट में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल ठाकुर ने इस ऑपरेशन की कमान संभाली।
ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए भाग रहे एक आतंकी का पीछा किया और उसे मार गिराया। इस मुठभेड़ में कुल तीन खूंखार आतंकी मारे गए थे। उनके इस अदम्य साहस और युद्ध कौशल को देखते हुए उन्हें सेना मेडल के लिए चुना गया। लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल ठाकुर, डॉ. तरसेम ठाकुर के पुत्र हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कर्नल निखिल को यह पदक जम्मू-कश्मीर के दुर्गम जंगलों में सफल ऑपरेशन का नेतृत्व करने और एक खूंखार आतंकी को ढेर करने के लिए दिया गया है। जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2024 को जम्मू-कश्मीर के घने जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर एक बड़ा अभियान चलाया गया था। इन्फैंट्री यूनिट में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल ठाकुर ने इस ऑपरेशन की कमान संभाली।
विज्ञापन
ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए भाग रहे एक आतंकी का पीछा किया और उसे मार गिराया। इस मुठभेड़ में कुल तीन खूंखार आतंकी मारे गए थे। उनके इस अदम्य साहस और युद्ध कौशल को देखते हुए उन्हें सेना मेडल के लिए चुना गया। लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल ठाकुर, डॉ. तरसेम ठाकुर के पुत्र हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन