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Kangra News: पालमपुर में हिंदी के महत्व पर दिया ब्याख्यान
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पालमपुर में हिंदी के महत्व पर दिया ब्याख्यान
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र में हुई संगोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के क्षेत्रीय केंद्र पालमपुर में 14 से 20 सितंबर तक हिंदी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में हिंदी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी के महत्व और राष्ट्रभाषा के रूप में इसकी भूमिका पर गहन चर्चा हुई। केंद्र के प्रमुख डॉ. गोरखमल ने हिंदी की जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी देश में हिंदी के प्रति अपेक्षित जागरूकता नहीं आ पाई है। इसी कारण हिंदी जागरूकता हेतु हिंदी सप्ताह और हिंदी पखवाड़े आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत में जहां अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या नाममात्र है, वहीं 60 प्रतिशत से अधिक लोग हिंदी जानते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत राष्ट्रभाषा का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिंदी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मुख्य वक्ता भारत संचार निगम लिमिटेड पालमपुर के सेवानिवृत्त मंडल अधिकारी प्यार चंद ने हिंदी के स्वरूप व इतिहास विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में डॉ. रिंकु शर्मा प्रधान वैज्ञानिक ने भी विचार रखे। डॉ. बीरबल सिंह प्रधान वैज्ञानिक ने सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं का धन्यवाद किया।
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भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र में हुई संगोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के क्षेत्रीय केंद्र पालमपुर में 14 से 20 सितंबर तक हिंदी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में हिंदी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी के महत्व और राष्ट्रभाषा के रूप में इसकी भूमिका पर गहन चर्चा हुई। केंद्र के प्रमुख डॉ. गोरखमल ने हिंदी की जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी देश में हिंदी के प्रति अपेक्षित जागरूकता नहीं आ पाई है। इसी कारण हिंदी जागरूकता हेतु हिंदी सप्ताह और हिंदी पखवाड़े आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत में जहां अंग्रेजी बोलने वालों की संख्या नाममात्र है, वहीं 60 प्रतिशत से अधिक लोग हिंदी जानते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत राष्ट्रभाषा का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिंदी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मुख्य वक्ता भारत संचार निगम लिमिटेड पालमपुर के सेवानिवृत्त मंडल अधिकारी प्यार चंद ने हिंदी के स्वरूप व इतिहास विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में डॉ. रिंकु शर्मा प्रधान वैज्ञानिक ने भी विचार रखे। डॉ. बीरबल सिंह प्रधान वैज्ञानिक ने सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं का धन्यवाद किया।