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केजरीवाल की जमानत कर रही हैरान : शांता
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कहा-देश में अपराधी नेताओं के लिए दो कानून नहीं हो सकते
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देश की सबसे बड़ी अदालत से जमानत प्राप्त कर चुनाव प्रचार में जुटेंगे। भारत के इतिहास में यह अपनी प्रकार का पहला उदाहरण है। इससे पहले इस प्रकार के किसी भी गंभीर अपराध के आरोपी को चुनाव में प्रचार करने के लिए जमानत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सब अपराधी बराबर होते हैं। अपराधी नेता के लिए अलग कानून नहीं हो सकता।
देश की सबसे बड़ी अदालत से आया यह निर्णय सबको हैरान कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह अपराध साधारण नहीं है। इसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन का आरोप है। मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्री और एक सांसद अपराधी हैं। पूरी सरकार अपराध में डूबी है। एक बार नहीं, कई बार न्यायालय यह घोषणा कर चुके हैं कि इनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और उन आरोपों में सच्चाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत ने केजरीवाल को जमानत दे दी। जो नेता जेल में रह कर चुनाव लड़े रहे हैं, उन्हें भी यह अधिकार देना होगा। केजरीवाल अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए जेल से छोड़े जा सकते हैं तो अपना प्रचार करने के लिए वे कैदी क्यों नहीं छोड़े जा सकते जो स्वयं चुनाव लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि भारत में अपराध बढ़ रहे हैं। बड़े-बड़े लोग और नेता अपराध बढ़ाने के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। नोटों के पहाड़ देखते-देखते देश की जनता शर्मसार हो रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को जमानत देने से अपराध के मनोविज्ञान पर जनता में बहुत गलत संदेश गया है। देश के विद्वान और कानून जानने वाले इस विषय पर गंभीरता से विचार करें और सर्वोच्च न्यायालय को अपने निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए कहें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देश की सबसे बड़ी अदालत से जमानत प्राप्त कर चुनाव प्रचार में जुटेंगे। भारत के इतिहास में यह अपनी प्रकार का पहला उदाहरण है। इससे पहले इस प्रकार के किसी भी गंभीर अपराध के आरोपी को चुनाव में प्रचार करने के लिए जमानत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सब अपराधी बराबर होते हैं। अपराधी नेता के लिए अलग कानून नहीं हो सकता।
देश की सबसे बड़ी अदालत से आया यह निर्णय सबको हैरान कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह अपराध साधारण नहीं है। इसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन का आरोप है। मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्री और एक सांसद अपराधी हैं। पूरी सरकार अपराध में डूबी है। एक बार नहीं, कई बार न्यायालय यह घोषणा कर चुके हैं कि इनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं और उन आरोपों में सच्चाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत ने केजरीवाल को जमानत दे दी। जो नेता जेल में रह कर चुनाव लड़े रहे हैं, उन्हें भी यह अधिकार देना होगा। केजरीवाल अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए जेल से छोड़े जा सकते हैं तो अपना प्रचार करने के लिए वे कैदी क्यों नहीं छोड़े जा सकते जो स्वयं चुनाव लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि भारत में अपराध बढ़ रहे हैं। बड़े-बड़े लोग और नेता अपराध बढ़ाने के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। नोटों के पहाड़ देखते-देखते देश की जनता शर्मसार हो रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को जमानत देने से अपराध के मनोविज्ञान पर जनता में बहुत गलत संदेश गया है। देश के विद्वान और कानून जानने वाले इस विषय पर गंभीरता से विचार करें और सर्वोच्च न्यायालय को अपने निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए कहें।
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