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Kangra News: सीता के जन्म से मिथिला में छाईं खुशियां
Tue, 13 Oct 2026 02:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:08 AM IST
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धर्मशाला। जय मां काली रामलीला क्लब पास्सु की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्मोत्सव के पावन प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों ने अभिनय प्रतिभा से रामायण के इन प्रसंगों को जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
मंचन के दौरान दर्शाया गया कि संतान न होने के कारण अयोध्या नरेश राजा दशरथ अत्यंत दुखी और व्याकुल थे। समस्या के समाधान के लिए उन्हें शृंगी ऋषि से मिलने का परामर्श दिया गया। शृंगी ऋषि ने राजा को पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराने का उपाय बताया। यज्ञ संपन्न होने के बाद राजा दशरथ के महल में चार पुत्रों का जन्म हुआ, जिससे संपूर्ण अयोध्या नगरी में उत्सव और आनंद का माहौल छा गया।
वहीं दूसरे दृश्य में मिथिलापुरी के राजा जनक को माता सीता की प्राप्ति हुई, जिसके बाद मिथिला में खुशियां छा गईं और सीता के प्राकट्य से मिथिलापुरी का भाग्य बदलने का प्रसंग भी खूबसूरती से मंचित किया गया। क्लब की ओर से झंडा रस्म के साथ रामलीला का शुभारंभ किया गया था। संवाद
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मंचन के दौरान दर्शाया गया कि संतान न होने के कारण अयोध्या नरेश राजा दशरथ अत्यंत दुखी और व्याकुल थे। समस्या के समाधान के लिए उन्हें शृंगी ऋषि से मिलने का परामर्श दिया गया। शृंगी ऋषि ने राजा को पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराने का उपाय बताया। यज्ञ संपन्न होने के बाद राजा दशरथ के महल में चार पुत्रों का जन्म हुआ, जिससे संपूर्ण अयोध्या नगरी में उत्सव और आनंद का माहौल छा गया।
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वहीं दूसरे दृश्य में मिथिलापुरी के राजा जनक को माता सीता की प्राप्ति हुई, जिसके बाद मिथिला में खुशियां छा गईं और सीता के प्राकट्य से मिथिलापुरी का भाग्य बदलने का प्रसंग भी खूबसूरती से मंचित किया गया। क्लब की ओर से झंडा रस्म के साथ रामलीला का शुभारंभ किया गया था। संवाद
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