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24 घंटे में पयेजल दिक्कत हल न हुई तो होगा धरना-प्रदर्शन
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बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल की खड़ानाल पंचायत की आचार्य बस्ती के लोग एक माह से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। अब उनके सब्र का बांध टूटने लगा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 24 घंटे में पेयजल समस्या का समाधान न हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बस्ती के लोगों का कहना है कि सरकार ने राज्य के सभी गांवों के प्रत्येक घर को 2022 तक नल से पानी की आपूर्ति देने की योजना बनाई है, लेकिन पपरोला की पंचायत खड़ानाल की आचार्य बस्ती के 15 परिवार पिछले एक माह से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। यहां के निवासी तिलकराज आचार्य, वीणा आचार्य, अनुज आचार्य, संजीव आचार्य, राजकुमार आचार्य, विनय आचार्य और अंकुश सूद के घरों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। लोगों का कहना है कि आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता को समस्या से अवगत करवाया गया है, लेकिन पेयजल संकट सुलझने में कोई प्रगति न होने से स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग के कर्मचारी जिस तरीके से पेयजल समस्या से निपट रहे हैं, उससे पेयजल संकट जल्द हल होने वाला नहीं है।
लोगों को बिना पानी के परेशाी हो रही है और जलशक्ति विभाग गहरी नींद में है। बस्ती के लोगों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी मात्र दिखावे के लिए आते हैं और कोई कार्यवाही किए बिना वापस लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, विधायक मुल्ख राज प्रेमी, अधीक्षण अभियंता रोहित से की गई है। बावजूद इसके मामले का निराकरण न होने से आचार्य बस्ती के निवासियों में निराशा है।
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आचार्य बस्ती के निवासियों का कहना है कि 24 घंटे के भीतर पीने के पानी की व्यवस्था बहाल न हुई तो वे विभाग के कार्यालय के आगे थालियां पीटने और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता अमित चौधरी ने बताया कि शिकायत मिली है और जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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बस्ती के लोगों का कहना है कि सरकार ने राज्य के सभी गांवों के प्रत्येक घर को 2022 तक नल से पानी की आपूर्ति देने की योजना बनाई है, लेकिन पपरोला की पंचायत खड़ानाल की आचार्य बस्ती के 15 परिवार पिछले एक माह से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। यहां के निवासी तिलकराज आचार्य, वीणा आचार्य, अनुज आचार्य, संजीव आचार्य, राजकुमार आचार्य, विनय आचार्य और अंकुश सूद के घरों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। लोगों का कहना है कि आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता को समस्या से अवगत करवाया गया है, लेकिन पेयजल संकट सुलझने में कोई प्रगति न होने से स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग के कर्मचारी जिस तरीके से पेयजल समस्या से निपट रहे हैं, उससे पेयजल संकट जल्द हल होने वाला नहीं है।
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लोगों को बिना पानी के परेशाी हो रही है और जलशक्ति विभाग गहरी नींद में है। बस्ती के लोगों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी मात्र दिखावे के लिए आते हैं और कोई कार्यवाही किए बिना वापस लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, विधायक मुल्ख राज प्रेमी, अधीक्षण अभियंता रोहित से की गई है। बावजूद इसके मामले का निराकरण न होने से आचार्य बस्ती के निवासियों में निराशा है।
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आचार्य बस्ती के निवासियों का कहना है कि 24 घंटे के भीतर पीने के पानी की व्यवस्था बहाल न हुई तो वे विभाग के कार्यालय के आगे थालियां पीटने और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता अमित चौधरी ने बताया कि शिकायत मिली है और जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।