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हमीरपुर वन्य प्राणी विभाग का डीएफओ कार्यालय नगरोटा सूरियां में हो शिफ्ट : डॉ. एचएल
Tue, 06 May 2025 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 06 May 2025 11:45 PM IST
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बरियाल (कांगड़ा)। राज्य स्तरीय जलाशय समिति एवं डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कमेटी स्वदेश दर्शन-2 के सदस्य डॉ. एचएल धीमान ने हमीरपुर स्थित डीएफओ वन्य प्राणी विभाग को अंतरराष्ट्रीय रामसर वेटलैंड के मुख्य स्थल नगरोटा सूरियां में शिफ्ट करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में डीएफओ वन्य प्राणी विभाग का यह कार्यालय नगरोटा सूरियां में ही था और इसके कार्यालय का ढांचा आज भी मौजूद है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि भारत का तारामंडल से युक्त और पर्यावरण अनुकूल नवाचार प्रमाणन, उन्नत प्रौद्योगिकी से युक्त उच्च स्तरीय दुर्गेश अरण्य प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) भी 25 हेक्टेयर क्षेत्र में देहरा के बनखंडी में बन रहा है। इस पर सरकार 619 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
इसी तरह से गोपालपुर में स्थित चिड़ियाघर पहले से कांगड़ा जिला में मौजूद है। भारत की 89 रामसर साइटों में अंतरराष्ट्रीय रामसर वेटलैंड पोंग झील जो 673 वर्ग किलोमीटर में फैली है, नगरोटा सूरियां पौंग झील का मध्य स्थल है। यहां पर वन्य प्राणी गतिविधियों को दिशा देने, नियंत्रित करने, प्रबंधन करने, भारत के सबसे बड़े प्रवासी पक्षी अभयारण्य की समुचित देखभाल के लिए वन्य प्राणी के डीएफओ का यहां पर होना अत्यंत जरूरी है।
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प्रदेश सरकार पहले ही पर्यटन विभाग के सौजन्य से पौंग झील के विभिन्न सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों और पौंग पक्षी अभयारण्य को पर्यटन की दृष्टि से दर्शनीय बनाने के लिए स्वदेश दर्शन-2 योजना के तहत करोड़ों रुपये का खाका तैयार कर केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेज चुकी है। अतः पौंग झील पक्षी आभिरण्यकी को उच्च स्तरीय और आकर्षक बनाने हेतु डीएफओ के कार्यालय का नगरोटा सूरियां में होना अति आवश्यक है। वहीं, उन्होंने वन्य प्राणी विभाग के मुख्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की प्रदेश मंत्रिमंडल की संस्तुति का स्वागत किया है।
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उन्होंने कहा कि पूर्व में डीएफओ वन्य प्राणी विभाग का यह कार्यालय नगरोटा सूरियां में ही था और इसके कार्यालय का ढांचा आज भी मौजूद है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि भारत का तारामंडल से युक्त और पर्यावरण अनुकूल नवाचार प्रमाणन, उन्नत प्रौद्योगिकी से युक्त उच्च स्तरीय दुर्गेश अरण्य प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) भी 25 हेक्टेयर क्षेत्र में देहरा के बनखंडी में बन रहा है। इस पर सरकार 619 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
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इसी तरह से गोपालपुर में स्थित चिड़ियाघर पहले से कांगड़ा जिला में मौजूद है। भारत की 89 रामसर साइटों में अंतरराष्ट्रीय रामसर वेटलैंड पोंग झील जो 673 वर्ग किलोमीटर में फैली है, नगरोटा सूरियां पौंग झील का मध्य स्थल है। यहां पर वन्य प्राणी गतिविधियों को दिशा देने, नियंत्रित करने, प्रबंधन करने, भारत के सबसे बड़े प्रवासी पक्षी अभयारण्य की समुचित देखभाल के लिए वन्य प्राणी के डीएफओ का यहां पर होना अत्यंत जरूरी है।
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प्रदेश सरकार पहले ही पर्यटन विभाग के सौजन्य से पौंग झील के विभिन्न सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों और पौंग पक्षी अभयारण्य को पर्यटन की दृष्टि से दर्शनीय बनाने के लिए स्वदेश दर्शन-2 योजना के तहत करोड़ों रुपये का खाका तैयार कर केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेज चुकी है। अतः पौंग झील पक्षी आभिरण्यकी को उच्च स्तरीय और आकर्षक बनाने हेतु डीएफओ के कार्यालय का नगरोटा सूरियां में होना अति आवश्यक है। वहीं, उन्होंने वन्य प्राणी विभाग के मुख्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की प्रदेश मंत्रिमंडल की संस्तुति का स्वागत किया है।