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Kangra News: परशुराम जयंती पर गुरुकल शिष्यों ने निकाली झांकी
Sat, 11 May 2024 12:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 11 May 2024 12:03 PM IST
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ज्वालामुखी में परशुराम जयंती मनाते ब्राह्मण सभा सदस्य।
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी में शुक्रवार को ब्राह्मण सभा ने परशुराम जयंती मनाई। इस मौके पर हवन यज्ञ का आयोजन और लोगों को हलवे का प्रशाद भी वितरित किया गया। पुजारी और ब्राह्मण सभा के प्रधान डिंपल नें बताया की हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी परशुराम जयंती मनाई गई। सनातन धर्म की रीत को आगे बढ़ते हुए ज्वालामुखी ब्राह्मण सभा और आस्था एवं संस्कार के संयोजक वासुदेव शर्मा और गुरुकल के शिष्यों ने ज्वालामुखी शहर में भगवान परशुराम की झांकी भी निकाली। झांकी में शिष्यों ने मंत्र उच्चारण और शंख ध्वनि का गान भी किया।
उन्होंने बताया कि समस्त सनातन जगत के आराध्य भगवान विष्णु के छठे अवतार समस्त शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम का प्राकट्य वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया, जो अक्षय तृतीया के नाम से प्रसिद्ध है के दिन हुआ था। वह जमदग्नि ऋषि के पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और भगवान शिव द्वारा प्रदत्त परशु धारण किए रहने के कारण परशुराम कहलाए। उन्होंने बताया कि हमें परशुराम के जीवन से सीख लेनी चाहिए। इस मोके पर ब्राह्मण सभा सदस्य डिंपल शर्मा, कपिल शर्मा, मानव शर्मा, अश्वनी दत्त, विशाल दत्त, गौरव शर्मा, हरीश कुमार, विजय शर्मा, राजू, सुरेश शास्त्री और ब्राह्मण सभा के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
अबूझ मुंडन योग से भीड़
शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में शुक्रवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। अबूझ मुंडन योग के कारण ज्वालामुखी मंदिर में मुंडनों का तांता लगा रहा। ज्वालामुखी कुलदेवी होने का कारण आसपास के स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने अपने नन्हें मुन्नों के मुंडन करवाए और उनके बाल माता ज्वाला के चरणों में अर्पित किए। दिन भर ज्वालामुखी में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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उन्होंने बताया कि समस्त सनातन जगत के आराध्य भगवान विष्णु के छठे अवतार समस्त शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम का प्राकट्य वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया, जो अक्षय तृतीया के नाम से प्रसिद्ध है के दिन हुआ था। वह जमदग्नि ऋषि के पुत्र होने के कारण जामदग्न्य और भगवान शिव द्वारा प्रदत्त परशु धारण किए रहने के कारण परशुराम कहलाए। उन्होंने बताया कि हमें परशुराम के जीवन से सीख लेनी चाहिए। इस मोके पर ब्राह्मण सभा सदस्य डिंपल शर्मा, कपिल शर्मा, मानव शर्मा, अश्वनी दत्त, विशाल दत्त, गौरव शर्मा, हरीश कुमार, विजय शर्मा, राजू, सुरेश शास्त्री और ब्राह्मण सभा के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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अबूझ मुंडन योग से भीड़
शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में शुक्रवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। अबूझ मुंडन योग के कारण ज्वालामुखी मंदिर में मुंडनों का तांता लगा रहा। ज्वालामुखी कुलदेवी होने का कारण आसपास के स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने अपने नन्हें मुन्नों के मुंडन करवाए और उनके बाल माता ज्वाला के चरणों में अर्पित किए। दिन भर ज्वालामुखी में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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