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Kangra News: योल वासियों के लिए उम्मीद लेकर आया सरकार का नई पंचायतें बनाने का बयान

Sun, 10 Nov 2024 08:24 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sun, 10 Nov 2024 08:24 PM IST
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Government's statement to form new Panchayats brings hope for Yol residents
कुलदीप
लोग बोले, अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र योल को अपनी पंचायत मिलने से मिलेगा फायदा
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अनिल धवन
योल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2025 में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए सभी जिलाधीशों से नई पंचायतें बनाने का प्रस्ताव मांगने पर योल के लगभग 15 हजार लोगों में आशा की नई उम्मीद जगी है। 24 अप्रैल, 2023 को योल छावनी बोर्ड का विघटन कर सिविल क्षेत्र के साथ लगती चार पंचायतों, जिनमें बाघणी, रक्कड़, कस्वा नरवाणा व तंगरोटी खास पंचायतों में विलय कर दिया गया था। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए छावनी कानूनों से मुक्ति मिलने पर भी लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुई।
लोगों को हर छोटे-बडे काम के लिए विलय की गई पंचायतों में जाना पड़ता है। छावनी बोर्ड द्वारा परिवार रजिस्टर रिकार्ड न होने के कारण कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। इस बारे ग्राम पंचायत निर्माण संघर्ष समिति द्वारा कई बार अलग पंचायत बनाने के लिए मुख्यमंत्री, सचिव व निदेशक पंचायती राज को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। योल का अधिकतर क्षेत्र ग्रामीण है। लोगों ने क्षेत्र को पंचायती राज में मिलाने के लिए न्यायालय में लंबी लड़ाई लड़ी है। अब सरकार द्वारा उपायुक्तों से नई पंचायतें बनाने के लिए मांगे गए प्रस्ताव से लोगों की उम्मीदें जगी हैं, जिससे नई पंचायतें बनने से लोगों का वर्षों पुराना सपना पूरा होगा।
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क्या कहते हैं लोग-
टीका लैहसर निवासी कुलदीप चंद ने कहा कि नई पंचायत बनने से क्षेत्र का रुका हुआ विकास आगे बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र की तस्वीर व तकदीर बदलेगी।

भूतपूर्व सैनिक जगदीश चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की अपनी पंचायत बनने से लोगों को घर द्वार सुविधा मिलेगी, उन्हें हर काम के लिए अन्य पंचायतों की ओर नहीं देखना पडे़गा।
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व्यवसायी अशोक धवन कहा कि योल को क्षेत्र को अलग पंचायत में शामिल करने से क्षेत्र के रुके विकास कार्यों को गति मिलेगी, क्योंकि मौजूदा समय में योल की व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है।
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