फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   FCI now on delay in wheat procurement

गेहूं खरीद में देरी पर अब एफसीआई और कृषि उपज मंडी समिति आमने-सामने

Sun, 17 Apr 2022 11:21 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
FCI now on delay in wheat procurement
ठाकुरद्वारा (कांगड़ा)। ठाकुरद्वारा गेहूं खरीद केंद्र में सरकारी दावों के बाद भी खरीद शुरू नहीं हो सकी है। अब अपनी साख बचाने के लिए कृषि उपज मंडी समिति और फूड कारपोरेशन गेहूं खरीद में देरी के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं, अब इंदौरा के मंड क्षेत्र में गेहूं की कटाई का काम जोरों से शुरू हो चुका है। कानूनन इस लाइसेंस के बन जाने से कृषि उपज मंडी समिति को प्रति क्विंटल 20 रुपये प्राइवेट खरीदारों से आमदनी होगी।
विज्ञापन

फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया की नई गाइडलाइन लगा देने से भी ठाकुरद्वारा गेहूं खरीद केंद्र में गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। प्रशासन ने सरकारी जगह न होने के कारण ठाकुरद्वारा में स्थित एक प्राइवेट मिल मालिक की जगह में मंडी खोलने का आग्रह किया हुआ है। इसमें फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया वाले कृषि उपज मंडी समिति को चारदीवारी करने को बोल रहे हैं, जो कि संभव नहीं है। विभागों की इस खींचातानी में मंडी का कार्य ज्यों का त्यों लटका है। मंड क्षेत्र में गेहूं की कटाई पिछले 15 दिनों से शुरू हो चुकी है। किसान अपनी बेबसी को लेकर हिमाचल सरकार से मंडी खुलवाने की आस लगाए बैठा है। वहीं, कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राज कुमार भारद्वाज का कहना है कि हमारी तरफ से खरीद की पूरी तैयारी कर ली गई है, लेकिन फूड कारपोरेशन की नई गाइडलाइन से देरी हो रही है। वहीं, फूड कारपोरेशन ठाकुरद्वारा मंडी के अधिकारी राकेश वर्मा का कहना है कि कृषि उपज मंडी समिति की ओर से गाइड लाइन को पूरा नहीं किया गया है। इसके कारण देरी हो रही है।
विज्ञापन

कृषि उपज मंडी समिति को आठ दिन बाद आई लाइसेंस बनाने की याद
इंदौरा के मंड क्षेत्र के ठाकुरद्वारा गांव में सरकार की ओर से की गई फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से गेहूं खरीद केंद्र खोलने की घोषणा अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जबकि गेहूं की खरीद कर रहे प्राइवेट खरीदारों को अब मौके पर रेवड़ियों की तरह लाइसेंस बांटे जा रहे हैं। किसानों की फसल के समय कृषि उपज मंडी समिति को लाइसेंस बनाने की याद आई है। किसानों ने इस लेटलतीफी पर पूछना शुरू कर दिया है कि क्या इस कार्य को समय रहते पूरा नहीं किया जा सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed