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देश में चुनाव से पांच वर्षाें में होते हैं एक हजार दिवस बर्बाद : डॉ. राजीव
Tue, 08 Apr 2025 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 08 Apr 2025 01:01 AM IST
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जसूर में एक राष्ट्र एक चुनाव कार्यक्रम की संगोष्ठी पर कांगड़ा चंबा सांसद डॉक्टर राजीव भारद्वाज
जसूर (कांगड़ा)। देश में होने वाले प्रत्येक विधानसभा चुनाव में लगभग तीन से छह हजार करोड़ रुपये का खर्च प्रति राज्य आता है। वहीं, पूरे देश में करवाए जाने वाले लोकसभा चुनाव पर खर्च वर्ष 2024 में डेढ़ लाख करोड़ के करीब आया था। यह बात जसूर में आयोजित एक राष्ट्र, एक चुनाव कार्यक्रम की संगोष्ठी में कांगड़ा-चंबा से भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कही। उन्होंने कहा कि लगभग एक हजार कार्य दिवस पूरे पांच साल चलने वाले देश में चुनाव के चलते बर्बाद हो जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया है कि एक राष्ट्र-एक चुनाव को स्कूल, कॉलेज और आम जनता के बीच में ले जाकर इस पर सार्थक बहस करवाई जाए।
इसे राजनीतिक एजेंडा न बनाकर देश के जनमानस का एजेंडा बनाएं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से लेकर वर्ष 1967 तक देश में एक साथ ही देश और प्रदेशों के चुनाव हुए थे लेकिन उसके बाद चुनी गईं सरकारें गिराईं गईं। इसके चलते अब पूरे पांच साल देश में चुनाव चलते रहते हैं। कार्यक्रम के विशेष अतिथि नूरपुर क्षेत्र के लदोड़ी गांव के निवासी पूर्व महानिदेशक इंडियन तटरक्षक गार्ड वरिंद्र पठानिया ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा को हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से स्वीकृति मिली है। इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव को एक साथ करवाना है। इस पहल का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इस मौके पर विधायक रणवीर सिंह निक्का, कार्यक्रम की संयोजिका पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष मालविका पठानिया और नूरपुर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश काका सहित अन्य मौजूद रहे।
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इसे राजनीतिक एजेंडा न बनाकर देश के जनमानस का एजेंडा बनाएं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से लेकर वर्ष 1967 तक देश में एक साथ ही देश और प्रदेशों के चुनाव हुए थे लेकिन उसके बाद चुनी गईं सरकारें गिराईं गईं। इसके चलते अब पूरे पांच साल देश में चुनाव चलते रहते हैं। कार्यक्रम के विशेष अतिथि नूरपुर क्षेत्र के लदोड़ी गांव के निवासी पूर्व महानिदेशक इंडियन तटरक्षक गार्ड वरिंद्र पठानिया ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा को हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से स्वीकृति मिली है। इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव को एक साथ करवाना है। इस पहल का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इस मौके पर विधायक रणवीर सिंह निक्का, कार्यक्रम की संयोजिका पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष मालविका पठानिया और नूरपुर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश काका सहित अन्य मौजूद रहे।
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