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Kangra News: कॉलेजों के आठ विद्यार्थी बने साइबर ठगों के हथियार, करोड़ों के लेन-देन में फंसे

Sun, 01 Mar 2026 08:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Sun, 01 Mar 2026 08:29 AM IST
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Eight college students became tools of cyber fraud, trapped in transactions worth crores
धर्मशाला। घर बैठे 5 से 10 हजार रुपये कमाने का लालच कांगड़ा जिला के आठ कॉलेज छात्रों को भारी पड़ गया है। साइबर ठगों के बुने जाल में फंसकर ये विद्यार्थी अब पुलिसिया कार्रवाई के रडार पर हैं। इन युवाओं ने अनजाने में अपने बैंक खाते, सिम कार्ड और एटीएम शातिरों को सौंप दिए थे, जिनका इस्तेमाल करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के लेन-देन (म्यूल अकाउंट) के लिए किया गया।
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इन युवाओं ने महज 5 से 10 हजार रुपये प्रति माह के लालच में अपने बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और लिंक्ड सिम कार्ड राजस्थान के एक गिरोह को सौंप दिए थे, जिनके जरिए अब करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन सामने आया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार ये विद्यार्थी टेलीग्राम और फेसबुक के माध्यम से राजस्थान आधारित एक गिरोह के संपर्क में आए थे।
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शातिरों ने उन्हें इन्वेस्टमेंट बिजनेस स्कीम का झांसा देकर नए बैंक खाते खुलवाने और उनके किट (एटीएम, सिम और पासबुक) कूरियर करने को कहा। छात्रों को बताया गया कि इन खातों के रखरखाव के बदले उन्हें हर महीने प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बिना परिणाम सोचे छात्रों ने अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी ठगों के बताए पते पर भेज दी।
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इन खातों का इस्तेमाल होते ही उनमें करोड़ों रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ। इसके बाद विभिन्न राज्यों की पुलिस ने इन पर 15 अलग-अलग जगहों से होल्ड लगा दिया। जब देशभर से पुलिस के नोटिस छात्रों के घरों तक पहुंचने लगे तो ठगी का अहसास हुआ। डरे हुए छात्रों ने अब साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला में संपर्क कर पूरी सच्चाई बताई है।


युवकों की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को सलाह है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने बैंक विवरण, सिम या एटीएम कार्ड न सौंपें। -रोहित मालपानी, डीआईजी साइबर क्राइम
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