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Kangra News: शहीद स्मारक धर्मशाला में खतरा बना सूखा पेड़
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शहीद स्मारक धर्मशाला में हादसों को न्यौता दे रहा चीड़ का सूखा पेड़। -संवा-
बार मेमोरियल डिवेलपमेंट एसोसिएशन ने वन विभाग को भेजा पत्र
स्मारक में प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों लोग, कभी भी गिर सकता है वृक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल शहीद स्मारक धर्मशाला में खड़ा एक सूखा चीड़ का पेड़ सैलानियों के लिए खतरा बन गया है। प्रतिदिन हजारों लोग यहां भारतीय सेना की वीरता से जुड़े प्रतीकों, पनडुब्बी, समुद्री जहाज, टैंक और अन्य सैन्य उपकरणों को देखने के लिए पहुंचते हैं लेकिन स्मारक परिसर में मौजूद सूखा पेड़ कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
शहीद स्मारक की देखरेख हिमाचल प्रदेश बार मेमोरियल डेवलपमेंट एसोसिएशन करती है। एसोसिएशन ने इस सूखे पेड़ को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र भेजा था। वन विभाग ने मामला वन निगम को भेज दिया है क्योंकि पेड़ों की कटाई का कार्य वन निगम के माध्यम से किया जाता है। वन निगम ने बार मेमोरियल डिवेलपमेंट एसोसिएशन से पेड़ काटने के लिए होने वाले खर्च की मांग की है। एसोसिएशन का तर्क है कि हम तो यहां पर सिर्फ देखरेख करते हैं, बाकी सब तो सरकार का है। इन सूखे पेड़ों को बिना किसी शुल्क के काटा जाए।
शहीद स्मारक सरकार की भूमि पर बना है और पेड़ भी वन विभाग के हैं। पेड़ काटने के बाद लकड़ी भी विभाग के पास ही जाएगी, फिर एसोसिएशन से राशि क्यों मांगी जा रही है। -कर्नल केकेएस डढवाल, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बार मेमोरियल डेवलपमेंट एसोसिएशन
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वन विभाग के माध्यम से पेड़ हटाने का पत्र मिला है, लेकिन अभी तक निर्धारित राशि जमा नहीं हुई है। राशि मिलते ही सूखे पेड़ को काटने की कार्रवाई कर दी जाएगी ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। -अंवरिश शर्मा, डीएम वन निगम धर्मशाला
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स्मारक में प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों लोग, कभी भी गिर सकता है वृक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल शहीद स्मारक धर्मशाला में खड़ा एक सूखा चीड़ का पेड़ सैलानियों के लिए खतरा बन गया है। प्रतिदिन हजारों लोग यहां भारतीय सेना की वीरता से जुड़े प्रतीकों, पनडुब्बी, समुद्री जहाज, टैंक और अन्य सैन्य उपकरणों को देखने के लिए पहुंचते हैं लेकिन स्मारक परिसर में मौजूद सूखा पेड़ कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
शहीद स्मारक की देखरेख हिमाचल प्रदेश बार मेमोरियल डेवलपमेंट एसोसिएशन करती है। एसोसिएशन ने इस सूखे पेड़ को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र भेजा था। वन विभाग ने मामला वन निगम को भेज दिया है क्योंकि पेड़ों की कटाई का कार्य वन निगम के माध्यम से किया जाता है। वन निगम ने बार मेमोरियल डिवेलपमेंट एसोसिएशन से पेड़ काटने के लिए होने वाले खर्च की मांग की है। एसोसिएशन का तर्क है कि हम तो यहां पर सिर्फ देखरेख करते हैं, बाकी सब तो सरकार का है। इन सूखे पेड़ों को बिना किसी शुल्क के काटा जाए।
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शहीद स्मारक सरकार की भूमि पर बना है और पेड़ भी वन विभाग के हैं। पेड़ काटने के बाद लकड़ी भी विभाग के पास ही जाएगी, फिर एसोसिएशन से राशि क्यों मांगी जा रही है। -कर्नल केकेएस डढवाल, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बार मेमोरियल डेवलपमेंट एसोसिएशन
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वन विभाग के माध्यम से पेड़ हटाने का पत्र मिला है, लेकिन अभी तक निर्धारित राशि जमा नहीं हुई है। राशि मिलते ही सूखे पेड़ को काटने की कार्रवाई कर दी जाएगी ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। -अंवरिश शर्मा, डीएम वन निगम धर्मशाला