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Kangra News: बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर चालक को 1500 रुपये जुर्माना
Sun, 05 Apr 2026 07:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 05 Apr 2026 07:40 AM IST
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धर्मशाला। अदालत ने सड़क दुर्घटना के एक मामले में नामजद चालक को मोटर वाहन अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है। एसीजेएम कांगड़ा प्रतिभा नेगी की अदालत ने बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बिना बीमा (इंश्योरेंस) के वाहन चलाने के जुर्म में दोषी चालक को 1500 रुपये जुर्माना लगाया है। हालांकि, अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लापरवाही और नशे में वाहन चलाने के आरोपों को साबित नहीं कर सका है।
जानकारी के अनुसार 6 दिसंबर 2015 को पुलिस थाना कांगड़ा में सड़क दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि 5 दिसंबर 2015 की रात राजोल के पास आरोपी संजय (निवासी गदियाड़ा, पालमपुर) ने तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चलाते हुए एक अन्य वाहन को टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों वाहन चालकों को मामूली चोटें आई थीं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लापरवाही, तेज रफ्तार, शराब के प्रभाव में वाहन चलाने और वैध दस्तावेजों के अभाव में मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने के तथ्यों को ठोस रूप से साबित नहीं कर सका। परिणामस्वरूप आरोपी को इन आरोपों से राहत मिल गई। हालांकि, आरोपी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा न होने का दोष सिद्ध होने पर, अदालत ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 181 और 196 के तहत उसे दोषी ठहराते हुए आर्थिक दंड सुनाया।
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जानकारी के अनुसार 6 दिसंबर 2015 को पुलिस थाना कांगड़ा में सड़क दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि 5 दिसंबर 2015 की रात राजोल के पास आरोपी संजय (निवासी गदियाड़ा, पालमपुर) ने तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चलाते हुए एक अन्य वाहन को टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों वाहन चालकों को मामूली चोटें आई थीं।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लापरवाही, तेज रफ्तार, शराब के प्रभाव में वाहन चलाने और वैध दस्तावेजों के अभाव में मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने के तथ्यों को ठोस रूप से साबित नहीं कर सका। परिणामस्वरूप आरोपी को इन आरोपों से राहत मिल गई। हालांकि, आरोपी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा न होने का दोष सिद्ध होने पर, अदालत ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 181 और 196 के तहत उसे दोषी ठहराते हुए आर्थिक दंड सुनाया।
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