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धर्मशाला: मंत्री चंद्र कुमार बोले- केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश की अनदेखी हुई
Tue, 03 Feb 2026 01:08 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 03 Feb 2026 01:08 PM IST
सार
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने भेदभाव का रवैया अपनाया है। विकास तभी हो सकता है जब वित्तीय स्थिति अच्छी हो। जीएसटी का भी बहुत कम पैसा हिमाचल प्रदेश को मिलता है।
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कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने की पत्रकार वार्ता।
- फोटो : संवाद
विस्तार
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश की अनदेखी की गई है। वित्त आयोग को लेकर मंत्री ने कहा कि 1952 से प्रत्येक पांच साल के बाद इस आयोग का गठन होता था। लेकिन 16वां वित्त आयोग का अवार्ड बंद कर दिया। पहाड़ी राज्यों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी इलाकों से अलग हैं। केंद्र सरकार ने भेदभाव का रवैया अपनाया है। विकास तभी हो सकता है जब वित्तीय स्थिति अच्छी हो। जीएसटी का भी बहुत कम पैसा हिमाचल प्रदेश को मिलता है।
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राज्य सरकार ने बिजली और शराब आदि पर सेस लगाया है ताकि आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सके। हिमाचल में सबसे अधिक जंगल हैं। लेकिन 1980 के बाद जंगलों में पेड़ कटान पर रोक लगा दी। हमें ग्रीन बोनस मिलना चाहिए। भारत सरकार के प्रोजेक्ट्स में सिर्फ 12 फीसदी रॉयल्टी मिलती है। जिस पर मुख्यमंत्री ने उचित कदम उठाए हैं। हमारी तीन साल की परफॉर्मेंस टैक्स से संबंधित अच्छी रही है। पीडीएनए को बंद कर दिया गया है। इसका कड़े शब्दों में विरोध करते हैं। कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से मुख्यमंत्री मिलते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार का पक्षपात का रवैया रहा है। आरडीजी को एकदम से बंद किया गया। पूर्व में रेलवे बजट अलग होता था लेकिन वर्तमान के बजट में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
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