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Kangra News: जागरूकता के बावजूद नहीं सबक, युवा मोल ले रहे जानलेवा बीमारी
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कांगड़ा जिले में बढ़ रहे एचआईवी के मामले, अधिकतर युवा आ रहे चपेट में
खास खबर...
जिलेभर में इस साल 30,382 टेस्ट किए गए, 106 लोग पाए गए पॉजिटिव
80 फीसदी युवा असुरक्षित यौन संबंध और अन्य नशे के कारण हुए संक्रमित
सचिन चौधरी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में एचआईवी पॉजिटिव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वायरस की चपेट में आने वालों में अधिकतर युवा हैं। एचआईवी के मामलों में 80 फीसदी युवा केवल असुरक्षित यौन संबंध के कारण संक्रमित हुए हैं। अन्य मामलों में नशे के कारण युवा संक्रमण की चपेट में आए हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ है।
जिला कांगड़ा में इस साल अभी तक 30,382 लोगों के एचआईवी टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 106 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इन मामलों में अधिकतर युवा शामिल हैं, जो बिना सुरक्षा के यौन संबंध बना रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सालभर कॉलेजों, स्कूलों आदि में लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन फिर भी युवा पीढ़ी इस समस्या को हलके में ले रही है। इस वजह से एचआईवी के मामले बढ़ रहे हैं। अभी तक जिला कांगड़ा में 1311 लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से पैसे भी दिए जाते हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 से अभी तक कुल 3,83,885 एचआईवी टेस्ट किए गए हैं, जिसमें से 861 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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विभाग के अनुसार युवा पीढ़ी किसी बात को समझने के बजाय उसे नजरअंदाज कर रही है, इसका खामियाजा उन्हें झेलना पड़ रहा है। जागरूकता के बाद भी युवा बिना सुरक्षा इस्तेमाल किए एक दूसरे के साथ संबंध बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नशे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद तो हो ही रही है। साथ ही नशे के लिए समूह में एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करने से एचआईवी भी आसानी से फैल रहा है। इस वर्ष नूरपुर क्षेत्र में टेस्टिंग के दौरान 30 के करीब युवा एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे, इसका कारण नशा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी संक्रमित मरीजों को वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। वर्ष 2021-22 में 284 बच्चों, 2022-23 में 278, 2023-24 में 272 संक्रमित बच्चों को वित्तीय सहायता दी गई है।
- जिला कांगड़ा में इस साल अभी तक 106 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से सबसे अधिक मामले असुरक्षित यौन संबंध के हैं और अन्य मामले नशे के दौरान समूह में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज है। समय-समय पर एचआईवी की रोकथाम और जागरूकता के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, फिर भी युवा इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।
- डॉ. राजेश सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कांगड़ा
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खास खबर...
जिलेभर में इस साल 30,382 टेस्ट किए गए, 106 लोग पाए गए पॉजिटिव
80 फीसदी युवा असुरक्षित यौन संबंध और अन्य नशे के कारण हुए संक्रमित
सचिन चौधरी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में एचआईवी पॉजिटिव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वायरस की चपेट में आने वालों में अधिकतर युवा हैं। एचआईवी के मामलों में 80 फीसदी युवा केवल असुरक्षित यौन संबंध के कारण संक्रमित हुए हैं। अन्य मामलों में नशे के कारण युवा संक्रमण की चपेट में आए हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ है।
जिला कांगड़ा में इस साल अभी तक 30,382 लोगों के एचआईवी टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 106 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इन मामलों में अधिकतर युवा शामिल हैं, जो बिना सुरक्षा के यौन संबंध बना रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सालभर कॉलेजों, स्कूलों आदि में लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन फिर भी युवा पीढ़ी इस समस्या को हलके में ले रही है। इस वजह से एचआईवी के मामले बढ़ रहे हैं। अभी तक जिला कांगड़ा में 1311 लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से पैसे भी दिए जाते हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 से अभी तक कुल 3,83,885 एचआईवी टेस्ट किए गए हैं, जिसमें से 861 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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विभाग के अनुसार युवा पीढ़ी किसी बात को समझने के बजाय उसे नजरअंदाज कर रही है, इसका खामियाजा उन्हें झेलना पड़ रहा है। जागरूकता के बाद भी युवा बिना सुरक्षा इस्तेमाल किए एक दूसरे के साथ संबंध बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नशे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद तो हो ही रही है। साथ ही नशे के लिए समूह में एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करने से एचआईवी भी आसानी से फैल रहा है। इस वर्ष नूरपुर क्षेत्र में टेस्टिंग के दौरान 30 के करीब युवा एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे, इसका कारण नशा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचआईवी संक्रमित मरीजों को वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। वर्ष 2021-22 में 284 बच्चों, 2022-23 में 278, 2023-24 में 272 संक्रमित बच्चों को वित्तीय सहायता दी गई है।
- जिला कांगड़ा में इस साल अभी तक 106 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से सबसे अधिक मामले असुरक्षित यौन संबंध के हैं और अन्य मामले नशे के दौरान समूह में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज है। समय-समय पर एचआईवी की रोकथाम और जागरूकता के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, फिर भी युवा इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।
- डॉ. राजेश सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कांगड़ा