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Kangra News: समेला सुरंग के पास जानलेवा बने गड्ढे, रोजाना चोटिल हो रहे चालक
Sat, 19 Jul 2025 07:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 19 Jul 2025 07:10 AM IST
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समेला के पुरानी सुरंग के पास सड़क पर पड़े बड़े-बड़े गड्ढाें से गुजरते वाहन। स्त्राेत-जागरुक पाठ
कांगड़ा। मटौर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर समेला की पुरानी सुरंग के बाहर बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। मगर एनएचएआई की लापरवाही से हालात जस के तस हैं। ये गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं और अब तक कई दोपहिया चालक यहां गिरकर घायल हो चुके हैं। भारी वाहनों को भी इससे नुकसान झेलना पड़ रहा है।
स्थानीय वाहन चालकों रमेश कुमार, अमी चंद, सरोज कुमार, प्रकाश चंद और रणिया राम का कहना है कि खस्ताहाल सड़क से उनकी गाड़ियां टूट-फूट रही हैं। पानी से भरे गड्ढों से निकलना मुश्किल हो जाता है और हर पल हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस है।
चालक सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क की हालत ही सही नहीं है तो घट्टा टोल क्यों वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि पहले सड़कें दुरुस्त की जाएं या फिर टोल वसूली बंद की जाए। उधर, एनएचएआई के हमीरपुर स्थित परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम सिंह मीणा ने कहा कि मीडिया के माध्यम से ही समस्या उनके संज्ञान में आई है। यदि समेला सुरंग के पास ऐसी समस्या है तो 1–2 दिन के भीतर गड्ढों को भर दिया जाएगा।
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स्थानीय वाहन चालकों रमेश कुमार, अमी चंद, सरोज कुमार, प्रकाश चंद और रणिया राम का कहना है कि खस्ताहाल सड़क से उनकी गाड़ियां टूट-फूट रही हैं। पानी से भरे गड्ढों से निकलना मुश्किल हो जाता है और हर पल हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस है।
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चालक सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क की हालत ही सही नहीं है तो घट्टा टोल क्यों वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि पहले सड़कें दुरुस्त की जाएं या फिर टोल वसूली बंद की जाए। उधर, एनएचएआई के हमीरपुर स्थित परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम सिंह मीणा ने कहा कि मीडिया के माध्यम से ही समस्या उनके संज्ञान में आई है। यदि समेला सुरंग के पास ऐसी समस्या है तो 1–2 दिन के भीतर गड्ढों को भर दिया जाएगा।

समेला के पुरानी सुरंग के पास सड़क पर पड़े बड़े-बड़े गड्ढाें से गुजरते वाहन। स्त्राेत-जागरुक पाठ
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