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दिवाली को बाजार गुलजार
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धर्मशाला के कचहरी अड्डा में दिवाली को लेकर दीये बेचते बच्चे।
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला। जिलाभर में दीपावली को लेकर बाजारों में अभी से ही चहल-पहल देखी जा रही है। व्यापारियों ने अपनी दुकानों में तरह-तरह के पटाखे सजाने शुरू कर दिए हैं। दीपावली की खरीदारी को लेकर बाजार सज गए हैं और रौनक बढ़ गई है।
कोरोना काल में पटाखा व्यापारियों को इस बार दीपावली पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। कांगड़ा के दुकानदार अनिल चौधरी ने इस साल 300 किस्म के देसी पटाखे मंगवाए हैं। इस साल देसी पटाखे चीन के पटाखों को मात दे रहे हैं। बाजार में चीन के पटाखे नजर नहीं आ रहे। ग्राहक भी देसी पटाखों की मांग कर रहे हैं। कांगड़ा के पटाखा व्यापारी अनिल ने बताया कि देसी पटाखों की डिमांड बढ़ गई है। अधिकांश लोग चीन के पटाखों का बहिष्कार कर रहे हैं। शुभम ने बताया कि देसी पटाखे बाजार में आ गए हैं। दुकानदार शुभम ने बताया कि दीपावली पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। हर साल दशहरा के बाद से ही पटाखा का व्यापार शुरू हो जाता है। दिवाली के अलावा शादी समारोह पर भी लोग पटाखे खरीद रहे हैं।
अनिल चौधरी ने बताया कि पिछले कुछ सालों से कम आवाज और अधिक रोशनी के पटाखे ही लोगों को भा रहे हैं। देसी पटाखों की मांग काफी है। बच्चों कोे भी रोशनी करने वाले पटाखे पसंद आ रहे हैं। लोगों की डिमांड को देखते हुए इस साल कम आवाज और अधिक रोशनी वाले देसी पटाखे अधिक मंगवाएं हैं।
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कोरोना काल में पटाखा व्यापारियों को इस बार दीपावली पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। कांगड़ा के दुकानदार अनिल चौधरी ने इस साल 300 किस्म के देसी पटाखे मंगवाए हैं। इस साल देसी पटाखे चीन के पटाखों को मात दे रहे हैं। बाजार में चीन के पटाखे नजर नहीं आ रहे। ग्राहक भी देसी पटाखों की मांग कर रहे हैं। कांगड़ा के पटाखा व्यापारी अनिल ने बताया कि देसी पटाखों की डिमांड बढ़ गई है। अधिकांश लोग चीन के पटाखों का बहिष्कार कर रहे हैं। शुभम ने बताया कि देसी पटाखे बाजार में आ गए हैं। दुकानदार शुभम ने बताया कि दीपावली पर अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। हर साल दशहरा के बाद से ही पटाखा का व्यापार शुरू हो जाता है। दिवाली के अलावा शादी समारोह पर भी लोग पटाखे खरीद रहे हैं।
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अनिल चौधरी ने बताया कि पिछले कुछ सालों से कम आवाज और अधिक रोशनी के पटाखे ही लोगों को भा रहे हैं। देसी पटाखों की मांग काफी है। बच्चों कोे भी रोशनी करने वाले पटाखे पसंद आ रहे हैं। लोगों की डिमांड को देखते हुए इस साल कम आवाज और अधिक रोशनी वाले देसी पटाखे अधिक मंगवाएं हैं।
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