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ओटीकपी नंबर पूछ खाते से निकाले 40 हजार
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:33 PM IST
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एटीएम का ओटीपी नंबर पूछ खाते से निकाले 40 हजार
लंज में सामने आया साइबर क्राइम का मामला
एसबीआई बैंक से नया एटीएम लिया था, दो घंटे बाद ही आने लगे फोन
अमर उजाला ब्यूरो
लंज(कांगड़ा)। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की डोल पंचायत के महिंद्र सिंह राणा पुत्र सीता राम से एटीएम का ओटीपी पूछ शातिरों ने 40 हजार रुपये का चूना लगाया है। इस संबंध में पीड़ित महिंद्र सिंह राणा ने क्राइम ब्रांच शिमला में शिकायत कर दी है।
पीड़ित महिंद्र सिंह राणा ने बताया कि उन्होंने 21 सितंबर को एसबीआई बैंक से नया एटीएम लिया था। इसका ओटीपी भी दोपहर को दो बजे के करीब दे दिया गया, लेकिन ओटीपी आने के दो घंटे बाद ही उन्हें फोन आने शुरू हो गए कि आपका पुराना एटीएम बंद कर दिया गया है। नया एटीएम तभी चलेगा, जब पुराना बंद करवाएंगे। पहले उन्होंने पुराने एटीएम का ओटीपी नहीं दिया। लेकिन, बैंक के नाम पर लगातार तीन-चार मैसेज आए। इस पर उन्होंने सोचा कि नया एटीएम और उसका ओटीपी आ गया है, तो नंबर बता दिया। उन्होंने जैसे ही बंद किए एटीएम कार्ड का ओटीपी दिया, उसके तुरंत बाद ही उनके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद जब बैंक में संपर्क किया गया, तो पता चला कि वह ठगी के शिकार हो गए हैं। इस संबंध में जब अपने परिचितों से बात की, तो इस तरह के दो ओर मामले साथ लगते गांवों से सामने आए। उनके गांव के ही हरबंस लाल को भी कुछ दिन पहले 25 हजार रुपये का चुना लग चुका है।
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लंज में सामने आया साइबर क्राइम का मामला
एसबीआई बैंक से नया एटीएम लिया था, दो घंटे बाद ही आने लगे फोन
अमर उजाला ब्यूरो
लंज(कांगड़ा)। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की डोल पंचायत के महिंद्र सिंह राणा पुत्र सीता राम से एटीएम का ओटीपी पूछ शातिरों ने 40 हजार रुपये का चूना लगाया है। इस संबंध में पीड़ित महिंद्र सिंह राणा ने क्राइम ब्रांच शिमला में शिकायत कर दी है।
पीड़ित महिंद्र सिंह राणा ने बताया कि उन्होंने 21 सितंबर को एसबीआई बैंक से नया एटीएम लिया था। इसका ओटीपी भी दोपहर को दो बजे के करीब दे दिया गया, लेकिन ओटीपी आने के दो घंटे बाद ही उन्हें फोन आने शुरू हो गए कि आपका पुराना एटीएम बंद कर दिया गया है। नया एटीएम तभी चलेगा, जब पुराना बंद करवाएंगे। पहले उन्होंने पुराने एटीएम का ओटीपी नहीं दिया। लेकिन, बैंक के नाम पर लगातार तीन-चार मैसेज आए। इस पर उन्होंने सोचा कि नया एटीएम और उसका ओटीपी आ गया है, तो नंबर बता दिया। उन्होंने जैसे ही बंद किए एटीएम कार्ड का ओटीपी दिया, उसके तुरंत बाद ही उनके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद जब बैंक में संपर्क किया गया, तो पता चला कि वह ठगी के शिकार हो गए हैं। इस संबंध में जब अपने परिचितों से बात की, तो इस तरह के दो ओर मामले साथ लगते गांवों से सामने आए। उनके गांव के ही हरबंस लाल को भी कुछ दिन पहले 25 हजार रुपये का चुना लग चुका है।
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