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एक माह में लाखों की चोरियां, पुलिस नाकाम
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:22 PM IST
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धर्मशाला। जिला मुख्यालय और साथ लगते क्षेत्रों में चोरी की लगातार हो रही वारदातों ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। चोर बेखौफ होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन पुलिस शायद चैन की नींद सो रही है।
एक माह में चोरी की करीब आधा दर्जन वारदातें घट चुकी हैं, लेकिन पुलिस आज दिन तक एक भी मामला सुलझाने में नाकाम रही है। इसी महीने चीलगाड़ी में स्थित बीएसएनएल कॉलोनी में चोर करीब 12 लाख के गहने उड़ा ले गए, जबकि गगल के त्रैंबलू में व्यापारी के घर से दस लाख रुपये, दाड़नू के पास गमरू में प्रॉपर्टी डीलर के घर में लाखों की चोरी, 7 सितंबर को दाड़ी के पास उद्योग विभाग के एक आला अधिकारी के घर से पांच लाख रुपये और करीब 15 दिन पहले रामनगर में घर से गहने और नकदी उड़ा कर ले गए। हाल ही में धर्मशाला के डिपो बाजार में चोरों ने मेडिकल शॉप के ताले तोड़े, लेकिन सामान चुराने में नाकाम रहे। चोरी के एक भी मामले में चोरों की धरपकड़ न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आम जनता का कहना है कि पुलिस महज एफआईआर दर्ज कर अपने कर्त्तव्य से इतिश्री कर रही है और चोरी के एक भी मामले को सुलझाने में विफल रही है।
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एक माह में चोरी की करीब आधा दर्जन वारदातें घट चुकी हैं, लेकिन पुलिस आज दिन तक एक भी मामला सुलझाने में नाकाम रही है। इसी महीने चीलगाड़ी में स्थित बीएसएनएल कॉलोनी में चोर करीब 12 लाख के गहने उड़ा ले गए, जबकि गगल के त्रैंबलू में व्यापारी के घर से दस लाख रुपये, दाड़नू के पास गमरू में प्रॉपर्टी डीलर के घर में लाखों की चोरी, 7 सितंबर को दाड़ी के पास उद्योग विभाग के एक आला अधिकारी के घर से पांच लाख रुपये और करीब 15 दिन पहले रामनगर में घर से गहने और नकदी उड़ा कर ले गए। हाल ही में धर्मशाला के डिपो बाजार में चोरों ने मेडिकल शॉप के ताले तोड़े, लेकिन सामान चुराने में नाकाम रहे। चोरी के एक भी मामले में चोरों की धरपकड़ न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आम जनता का कहना है कि पुलिस महज एफआईआर दर्ज कर अपने कर्त्तव्य से इतिश्री कर रही है और चोरी के एक भी मामले को सुलझाने में विफल रही है।
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