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Kangra News: छह महीने से अटके निर्माण कार्य, चार पंचायतों के लोग परेशान
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बैजनाथ (कांगड़ा)। पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीड़-बिलिंग घाटी की चार पंचायतों बीड़, चौगान, क्योर और गुनेहड़ की एक हजार से अधिक आबादी को साडा (स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) और टीसीपी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन चार पंचायत के लोगों को किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने के लिए साडा के तहत अनुमति की आवश्यकता रहती है। गांव वासियों गोपाल, रवि कुमार, सतीश, प्रदीप कुमार, कर्ण सिंह, जगदीश, रोशन, अजय और राहुल आदि का कहना है कि चार पंचायतों में कई लोग पिछले छह माह से अनुमति के इंतजार में हैं। अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो मजबूरन उन्हें साडा अध्यक्ष के कार्यालय का घेराव करना पड़ेगा।
लोगों ने बताया कि साडा की अनुमति के लिए सरकार की ओर से वास्तुकारों का एक पैनल पंजीकृत किया गया है। विभाग से पंजीकृत आर्किटेक्ट ही इस अनुमति के लिए दस्तावेज बनाने के लिए अधिकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण अधिकांश लोगों को अनुमति की प्रक्रिया का ज्ञान ही नहीं है और ऊपर से यह आर्किटेक्ट मनमानी फीस वसूलने के बावजूद अनुमति के लिए लंबा समय लगा रहे हैं।
2018 से आ रही परेशानी
लोगों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार पर्यटन को ग्रामीण स्तर पर बढ़ावा देने के लिए योजनाएं ला रही है और दूसरी तरफ साडा और टीसीपी के कारण ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। बीड़ की इन पंचायतों में 2018 से साडा काम कर रहा है, लेकिन प्रदेश सरकारों द्वारा न तो नियमों का सरलीकरण किया गया और न ही पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की गई।
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सरकार इन नियमों में सरलीकरण करने जा रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
देवी चंद ठाकुर, अध्यक्ष, स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी बीड़ बिलिंग
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लोगों ने बताया कि साडा की अनुमति के लिए सरकार की ओर से वास्तुकारों का एक पैनल पंजीकृत किया गया है। विभाग से पंजीकृत आर्किटेक्ट ही इस अनुमति के लिए दस्तावेज बनाने के लिए अधिकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण अधिकांश लोगों को अनुमति की प्रक्रिया का ज्ञान ही नहीं है और ऊपर से यह आर्किटेक्ट मनमानी फीस वसूलने के बावजूद अनुमति के लिए लंबा समय लगा रहे हैं।
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2018 से आ रही परेशानी
लोगों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार पर्यटन को ग्रामीण स्तर पर बढ़ावा देने के लिए योजनाएं ला रही है और दूसरी तरफ साडा और टीसीपी के कारण ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। बीड़ की इन पंचायतों में 2018 से साडा काम कर रहा है, लेकिन प्रदेश सरकारों द्वारा न तो नियमों का सरलीकरण किया गया और न ही पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की गई।
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सरकार इन नियमों में सरलीकरण करने जा रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
देवी चंद ठाकुर, अध्यक्ष, स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी बीड़ बिलिंग