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सुक्खू सरकार पर अफसरशाही हावी, मंत्री खुद कर रहे स्वीकार : परमार
Sun, 18 Jan 2026 07:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 18 Jan 2026 07:34 AM IST
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भवारना में विधायक विपिन सिंह परमार का स्वागत करते लोग। -स्रोत : संगठन
पालमपुर/भवारना (कांगड़ा)। सुलह के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता का यह आलम है कि स्वयं सरकार के मंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि अफसरशाही हावी हो चुकी है। भवारना और भड़गवार में चिल्ड्रन पार्कों के उद्घाटन के दौरान परमार ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह दिशाहीन और जनविरोधी हो चुकी है।
परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही भवारना क्षेत्र के साथ भेदभाव किया है। क्षेत्र में जनसुविधाओं की रीढ़ माने जाने वाले जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता कार्यालयों को बंद कर दिया गया। इससे आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने बीडीओ कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास खंड कार्यालय से 34 लाख रुपये की विकास राशि का वापस भेजा जाना सरकारी विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीओ कार्यालय राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और सरकार की योजनाएं जमीन पर उतरने से पहले ही दम तोड़ रही हैं।
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विपिन सिंह परमार ने कहा कि किसान, युवा, महिला, कर्मचारी और व्यापारी हर वर्ग आज कांग्रेस सरकार की नीतियों से दुखी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस न तो देश में बची है और न ही हिमाचल में बचने वाली है। इस अवसर पर पंचायत प्रधान वंदना अवस्थी, उपप्रधान तनु भारती, राजेश बंटा, राजीव सूद सहित कई स्थानीय नेता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही भवारना क्षेत्र के साथ भेदभाव किया है। क्षेत्र में जनसुविधाओं की रीढ़ माने जाने वाले जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता कार्यालयों को बंद कर दिया गया। इससे आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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विधायक ने बीडीओ कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास खंड कार्यालय से 34 लाख रुपये की विकास राशि का वापस भेजा जाना सरकारी विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीओ कार्यालय राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और सरकार की योजनाएं जमीन पर उतरने से पहले ही दम तोड़ रही हैं।
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विपिन सिंह परमार ने कहा कि किसान, युवा, महिला, कर्मचारी और व्यापारी हर वर्ग आज कांग्रेस सरकार की नीतियों से दुखी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस न तो देश में बची है और न ही हिमाचल में बचने वाली है। इस अवसर पर पंचायत प्रधान वंदना अवस्थी, उपप्रधान तनु भारती, राजेश बंटा, राजीव सूद सहित कई स्थानीय नेता और ग्रामीण उपस्थित रहे।