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Kangra News: चंबापत्तन वाया रोहड़ा सड़क का किया भूमिपूजन
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एफडीआर तकनीक से होगा सड़क का निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के सिहोरपाईं में चंबापत्तन वाया रोहड़ा सड़क के एफडीआर तकनीक से ट्रायल कार्य का भूमिपूजन क्षेत्र के विधायक संजय रतन ने किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में पांच सड़कों के लिए लगभग 77 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। इस सड़क के अलावा, सपड़ी से पनाहर, देहरियां से सलेहर, कोपड़ा से सोल और त्रैंबलू से मरहाण सड़क के निर्माण पर यह राशि खर्च होगी।
संजय रतन ने बताया कि 14.5 किमी लंबी इस सड़क के निर्माण कार्य में एफडीआर तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीक में पुरानी सड़क की गिट्टी और अन्य सामग्री को उपकरणों से तोड़कर बारीक टुकड़ों में बदला जाता है। फिर इस टुकड़े को रीसाइकल करके सड़क पर बिछाया जाता है और समतल किया जाता है। इसके बाद सीमेंट में चिपकने वाले केमिकल मिलाकर घोल तैयार किया जाता है और उसे समतल किए गए हिस्से पर डाला जाता है। उसके पश्चात, रीसाइकलर और मोटर ग्रेडर से इसे रोल किया जाता है तथा पैड फुट रोलर और कंपैक्टर से इसे दबाया जाता है। अंत में, सात दिन तक पानी से तराने के बाद सतह पर स्ट्रेस अब्सॉर्बिंग इंटर लेयर तैयार की जाती है। इसके ऊपर पेवर मशीन से कंक्रीट बिछाया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के सिहोरपाईं में चंबापत्तन वाया रोहड़ा सड़क के एफडीआर तकनीक से ट्रायल कार्य का भूमिपूजन क्षेत्र के विधायक संजय रतन ने किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में पांच सड़कों के लिए लगभग 77 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। इस सड़क के अलावा, सपड़ी से पनाहर, देहरियां से सलेहर, कोपड़ा से सोल और त्रैंबलू से मरहाण सड़क के निर्माण पर यह राशि खर्च होगी।
संजय रतन ने बताया कि 14.5 किमी लंबी इस सड़क के निर्माण कार्य में एफडीआर तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीक में पुरानी सड़क की गिट्टी और अन्य सामग्री को उपकरणों से तोड़कर बारीक टुकड़ों में बदला जाता है। फिर इस टुकड़े को रीसाइकल करके सड़क पर बिछाया जाता है और समतल किया जाता है। इसके बाद सीमेंट में चिपकने वाले केमिकल मिलाकर घोल तैयार किया जाता है और उसे समतल किए गए हिस्से पर डाला जाता है। उसके पश्चात, रीसाइकलर और मोटर ग्रेडर से इसे रोल किया जाता है तथा पैड फुट रोलर और कंपैक्टर से इसे दबाया जाता है। अंत में, सात दिन तक पानी से तराने के बाद सतह पर स्ट्रेस अब्सॉर्बिंग इंटर लेयर तैयार की जाती है। इसके ऊपर पेवर मशीन से कंक्रीट बिछाया जाता है।
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