{"_id":"6a8b0f2cffca3ca1d5007f7a","slug":"a-healthy-routine-is-more-important-than-expensive-creams-dr-sunny-kangra-news-c-95-1-kng1004-251756-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगी क्रीम से ज्यादा जरूरी स्वस्थ दिनचर्या : डॉ. सन्नी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगी क्रीम से ज्यादा जरूरी स्वस्थ दिनचर्या : डॉ. सन्नी
Mon, 24 Aug 2026 06:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 24 Aug 2026 06:44 AM IST
विज्ञापन
क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जसूर (कांगड़ा)। चेहरे और त्वचा की प्राकृतिक सुंदरता केवल महंगे सौंदर्य प्रसाधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके लिए संतुलित आहार, भरपूर नींद, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह जानकारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सुलियाली के आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. सन्नी जरयाल ने दी।
उन्होंने बताया कि त्वचा हमारे आंतरिक स्वास्थ्य और समग्र जीवनशैली का आईना होती है। महंगे स्किन केयर उत्पाद की कीमत से ज्यादा यह देखना जरूरी है कि वह आपकी त्वचा के प्रकार और वास्तविक जरूरत के अनुकूल है या नहीं। कई बार गैर-जरूरी कॉस्मेटिक्स पर भारी खर्च करने के बजाय नियमित सनस्क्रीन का उपयोग, पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग और विशेषज्ञ की सलाह अधिक प्रभावी साबित होती है।
-- -- -- -- -
आयुर्वेद में आहार-विहार का महत्व
आयुर्वेद में स्वस्थ जीवन और चमकदार त्वचा के लिए संतुलित दिनचर्या और खानपान को बुनियादी आधार माना गया है। आयुर्वेद की ''रसायन'' चिकित्सा में आंवला जैसे कई पोषक आहार-द्रव्यों का विशेष उल्लेख है, जो त्वचा को युवा और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि, किसी भी औषधीय तत्व या पंचकर्म चिकित्सा का प्रयोग कुशल चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करना चाहिए।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
स्वस्थ त्वचा के लिए 10 मिनट की सरल दिनचर्या
2 मिनट: सहज एवं गहरी श्वास-प्रश्वास प्रक्रिया।
3 मिनट: हल्की स्ट्रेचिंग या सरल योगासन।
2 मिनट: अनुलोम-विलोम प्राणायाम।
2 मिनट: मानसिक शांति के लिए ध्यान।
1 मिनट: संपूर्ण शरीर के लिए विश्राम (शवासन)।
-- -- -- -- --
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पर्याप्त नींद लें और प्रतिदिन संतुलित व पोषक भोजन का सेवन करें। तेज धूप से त्वचा का बचाव करें और तंबाकू व धूम्रपान से दूरी बनाएं। त्वचा पर लगातार मुंहासे, खुजली, चकत्ते या असामान्य बदलाव दिखने पर घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय जांच करवाएं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि त्वचा हमारे आंतरिक स्वास्थ्य और समग्र जीवनशैली का आईना होती है। महंगे स्किन केयर उत्पाद की कीमत से ज्यादा यह देखना जरूरी है कि वह आपकी त्वचा के प्रकार और वास्तविक जरूरत के अनुकूल है या नहीं। कई बार गैर-जरूरी कॉस्मेटिक्स पर भारी खर्च करने के बजाय नियमित सनस्क्रीन का उपयोग, पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग और विशेषज्ञ की सलाह अधिक प्रभावी साबित होती है।
विज्ञापन
आयुर्वेद में आहार-विहार का महत्व
आयुर्वेद में स्वस्थ जीवन और चमकदार त्वचा के लिए संतुलित दिनचर्या और खानपान को बुनियादी आधार माना गया है। आयुर्वेद की ''रसायन'' चिकित्सा में आंवला जैसे कई पोषक आहार-द्रव्यों का विशेष उल्लेख है, जो त्वचा को युवा और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि, किसी भी औषधीय तत्व या पंचकर्म चिकित्सा का प्रयोग कुशल चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करना चाहिए।
विज्ञापन
स्वस्थ त्वचा के लिए 10 मिनट की सरल दिनचर्या
2 मिनट: सहज एवं गहरी श्वास-प्रश्वास प्रक्रिया।
3 मिनट: हल्की स्ट्रेचिंग या सरल योगासन।
2 मिनट: अनुलोम-विलोम प्राणायाम।
2 मिनट: मानसिक शांति के लिए ध्यान।
1 मिनट: संपूर्ण शरीर के लिए विश्राम (शवासन)।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पर्याप्त नींद लें और प्रतिदिन संतुलित व पोषक भोजन का सेवन करें। तेज धूप से त्वचा का बचाव करें और तंबाकू व धूम्रपान से दूरी बनाएं। त्वचा पर लगातार मुंहासे, खुजली, चकत्ते या असामान्य बदलाव दिखने पर घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय जांच करवाएं।