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8 घंटे बंद रहा पपरोला-उतराला सड़क
Kangra
Updated Tue, 18 Jun 2013 05:30 AM IST
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पपरोला (कांगड़ा)। बीती रात हुई भारी बरसात के कारण नैन खड्ड में भारी मात्रा में पानी आने से उतराला से बिनवानगर को जाने वाला मार्ग बंद होने से बिनवानगर का संपर्क उपमंडल के अन्य क्षेत्रों से कट गया। यह संपर्क बारह घंटे बहाल हो पाया। वहीं बीती रात गांव अमरपुर में भूस्खलन के चलते ल्हासा गिरने से उतराला-पपरोला मार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया। इस कारण उतराला के लिए बसों व अन्य वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। लोक निर्माण विभाग बैजनाथ ने सुबह करीब 10 बजे जेसीबी लगाकर सड़क पर पड़ी चट्टानें हटाकर यातायात बहाल करवाया।
उधर, नैन खड्ड में बाढ़ आने से बिनवानगर के लिए संपर्क सड़क पूरी तरह बंद हो गया, जिस कारण वहां जाने वाले वाहन उतराला में फंसे रहे। उतराला पंचायत उपप्रधान महिंद्र सिंह ने बताया कि नैन खड्ड में आई बाढ़ में सोमवार सुबह एक जीप फंस गई, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। मार्ग बंद होने से बिनवा पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारियों व स्कूली बच्चों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। ‘अमर उजाला’ ने नैन खड्ड पर अधूरे पुल के कारण स्थानीय लोगों को आ रही परेशानी के मुद्दे को अभी हाल ही में प्रमुखता से उठाया था । विभाग ने अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया है। उधर, लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता भगवान कपूर ने कहा कि अमरपुर के पास अवरुद्ध पड़े मार्ग को बहाल कर दिया गया है। नैन खड्ड पर जल्द अप्रोच लगाई जाएगी।
बाक्स लीड में
रातभर बारिश के बाद चमकी धूप
धर्मशाला। मानसून की दस्तक के साथ ही पर्यटन नगरी धर्मशाला का मौसम सुहावना हो गया है। रविवार देर रात लगातार झमाझम बारिश के बाद सोमवार को धर्मशाला में धूप चमकी। बरसात के चलते मैकलोडगंज और धर्मशाला के होटलों में कैद सैलानी भी सोमवार को मौसम का लुत्फ लेने वादियों में निकल आए। वहीं, जिला भर के कई इलाकों में किसान धान और मक्की की बिजाई में मशगूल हो गए हैं।
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सोमवार को मौसम ने किसानों का भी साथ दिया। बरसात ने हालांकि धर्मशाला में भी पूरी तरह दस्तक दे दी है। लेकिन बीच-बीच में मौसम साफ रहने से लोगों को राहत है। खासकर फसलों के काम में जुटे किसानों के लिए मौसम का यह मिजाज बेहतर माना जा रहा है। वहीं, दो दिन तक लगातार बारिश के बाद खिली धूप से पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर भी चमक है। मौसम कुछ और दिन साफ रहता है तो पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पर्यटन कारोबारी नरेश कुमार, बिन्नी, जगजीवन और पीसी भगत का कहना है कि मौसम साफ रहता है तो पर्यटन कारोबार चमकने की उम्मीद है। सोमवार को मौसम खुलने से सैलानी भी बाहर निकले और उन्होंने धर्मशाला की वादियों को निहारा।
हर रेलगाड़ी के आगे होगी पेट्रोलिंग
ल्हासे गिरने पर रेल विभाग हुआ सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
पपरोला (कांगड़ा)। मानसून की दस्तक के बाद भारी बरसात की संभावना को देखते हुए कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर ल्हासे गिरने की संभावना के चलते रेलवे सतर्क हो गया है। रेलवे विभाग ने पठानकोट से जोगिंद्रनगर व बैजनाथ-पपरोला तक रोजाना चलने वाली 7 अप व 7 डाउन रेलगाड़ियों के आगे पेट्रोलिंग टीमें तैनात कर दी हैं।
रेलवे के एसडीओ एमके गोयल ने पुष्टि करते हुए बताया कि हर रेलगाड़ी के आगे पेट्रोलिंग की जा रही है और ट्रैक सुरक्षित होने पर ही रेलगाड़ियां आगे भेजी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बीते साल बरसात के सीजन में रेलमार्ग पर जगह-जगह ल्हासे गिरने से रेलगाड़ियों के आवागमन पर खासा असर पड़ा था और रेल विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से रात के समय चलने वाली रेलगाड़ियां बंद कर दी थीं। एमके गोयल ने बताया कि इस वर्ष ल्हासे गिरने के खतरे को देखते हुए रेलवे ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली है। जोगिंद्रनगर से पठानकोट तक करीब 162 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग की निगरानी के लिए बड़ी संख्या में गैंगमैन तैनात किए गए हैं।
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उधर, नैन खड्ड में बाढ़ आने से बिनवानगर के लिए संपर्क सड़क पूरी तरह बंद हो गया, जिस कारण वहां जाने वाले वाहन उतराला में फंसे रहे। उतराला पंचायत उपप्रधान महिंद्र सिंह ने बताया कि नैन खड्ड में आई बाढ़ में सोमवार सुबह एक जीप फंस गई, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। मार्ग बंद होने से बिनवा पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारियों व स्कूली बच्चों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। ‘अमर उजाला’ ने नैन खड्ड पर अधूरे पुल के कारण स्थानीय लोगों को आ रही परेशानी के मुद्दे को अभी हाल ही में प्रमुखता से उठाया था । विभाग ने अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया है। उधर, लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता भगवान कपूर ने कहा कि अमरपुर के पास अवरुद्ध पड़े मार्ग को बहाल कर दिया गया है। नैन खड्ड पर जल्द अप्रोच लगाई जाएगी।
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रातभर बारिश के बाद चमकी धूप
धर्मशाला। मानसून की दस्तक के साथ ही पर्यटन नगरी धर्मशाला का मौसम सुहावना हो गया है। रविवार देर रात लगातार झमाझम बारिश के बाद सोमवार को धर्मशाला में धूप चमकी। बरसात के चलते मैकलोडगंज और धर्मशाला के होटलों में कैद सैलानी भी सोमवार को मौसम का लुत्फ लेने वादियों में निकल आए। वहीं, जिला भर के कई इलाकों में किसान धान और मक्की की बिजाई में मशगूल हो गए हैं।
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सोमवार को मौसम ने किसानों का भी साथ दिया। बरसात ने हालांकि धर्मशाला में भी पूरी तरह दस्तक दे दी है। लेकिन बीच-बीच में मौसम साफ रहने से लोगों को राहत है। खासकर फसलों के काम में जुटे किसानों के लिए मौसम का यह मिजाज बेहतर माना जा रहा है। वहीं, दो दिन तक लगातार बारिश के बाद खिली धूप से पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर भी चमक है। मौसम कुछ और दिन साफ रहता है तो पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पर्यटन कारोबारी नरेश कुमार, बिन्नी, जगजीवन और पीसी भगत का कहना है कि मौसम साफ रहता है तो पर्यटन कारोबार चमकने की उम्मीद है। सोमवार को मौसम खुलने से सैलानी भी बाहर निकले और उन्होंने धर्मशाला की वादियों को निहारा।
हर रेलगाड़ी के आगे होगी पेट्रोलिंग
ल्हासे गिरने पर रेल विभाग हुआ सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
पपरोला (कांगड़ा)। मानसून की दस्तक के बाद भारी बरसात की संभावना को देखते हुए कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर ल्हासे गिरने की संभावना के चलते रेलवे सतर्क हो गया है। रेलवे विभाग ने पठानकोट से जोगिंद्रनगर व बैजनाथ-पपरोला तक रोजाना चलने वाली 7 अप व 7 डाउन रेलगाड़ियों के आगे पेट्रोलिंग टीमें तैनात कर दी हैं।
रेलवे के एसडीओ एमके गोयल ने पुष्टि करते हुए बताया कि हर रेलगाड़ी के आगे पेट्रोलिंग की जा रही है और ट्रैक सुरक्षित होने पर ही रेलगाड़ियां आगे भेजी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बीते साल बरसात के सीजन में रेलमार्ग पर जगह-जगह ल्हासे गिरने से रेलगाड़ियों के आवागमन पर खासा असर पड़ा था और रेल विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से रात के समय चलने वाली रेलगाड़ियां बंद कर दी थीं। एमके गोयल ने बताया कि इस वर्ष ल्हासे गिरने के खतरे को देखते हुए रेलवे ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली है। जोगिंद्रनगर से पठानकोट तक करीब 162 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग की निगरानी के लिए बड़ी संख्या में गैंगमैन तैनात किए गए हैं।