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धर्मशाला अस्पताल में नहीं हुए मरीजों के टेस्ट
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धर्मशाला अस्पताल में नहीं हुए टेस्ट, मरीज हुए परेशान
अस्पताल के पंजीकरण काउंटर के तीनों कंप्यूटर बंद
बिल न कटने के कारण मरीजों को जाना पड़ा वापस
निजी लैब में जाकर कई मरीजों ने करवाए बीमारी से संबंधित टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के जोनल अस्पताल से मरीजों को शुक्रवार को बिना टेस्ट करवाए लौटना पड़ा। वहीं, कई मरीजों ने मजबूरी में निजी लैबों में जाकर बीमारी के टेस्ट करवाने पड़े। धर्मशाला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर के तीनों कंप्यूटर तकनीकी खराबी के कारण पूरा दिन बंद रहे। इस कारण मरीजों का पंजीकरण भी हाथ से बनी पर्ची से करवाया गया। वहीं, कंप्यूटर बंद होने के कारण अस्पताल की लैब में टेस्ट करवाने के लिए पैसे जमा करवाने आए मरीजों को भी बिना बिल काटे वापस भेजा गया। इस कारण कई मरीजों ने निजी लैब में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाए। पर्ची काउंटर से लगभग 60 से 70 मरीजों का बिना बिल काटे वापस भेज दिया गया। इस कारण अस्पताल की आय भी प्रभावित हुई और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ी। उधर, धर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण पंजीकरण कांउटर के कंप्यूटर बंद हैं। हाथ से लिखकर मरीजों की पर्ची बनाई जा रही है।
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अस्पताल के पंजीकरण काउंटर के तीनों कंप्यूटर बंद
बिल न कटने के कारण मरीजों को जाना पड़ा वापस
निजी लैब में जाकर कई मरीजों ने करवाए बीमारी से संबंधित टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के जोनल अस्पताल से मरीजों को शुक्रवार को बिना टेस्ट करवाए लौटना पड़ा। वहीं, कई मरीजों ने मजबूरी में निजी लैबों में जाकर बीमारी के टेस्ट करवाने पड़े। धर्मशाला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर के तीनों कंप्यूटर तकनीकी खराबी के कारण पूरा दिन बंद रहे। इस कारण मरीजों का पंजीकरण भी हाथ से बनी पर्ची से करवाया गया। वहीं, कंप्यूटर बंद होने के कारण अस्पताल की लैब में टेस्ट करवाने के लिए पैसे जमा करवाने आए मरीजों को भी बिना बिल काटे वापस भेजा गया। इस कारण कई मरीजों ने निजी लैब में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाए। पर्ची काउंटर से लगभग 60 से 70 मरीजों का बिना बिल काटे वापस भेज दिया गया। इस कारण अस्पताल की आय भी प्रभावित हुई और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ी। उधर, धर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश महाजन ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण पंजीकरण कांउटर के कंप्यूटर बंद हैं। हाथ से लिखकर मरीजों की पर्ची बनाई जा रही है।