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फिक्र के कारण बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे अभिभावक
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धर्मशाला। जिले में 21 माह बाद शुरू हुई ऑफलाइन पढ़ाई के पहले दिन तीसरी से सातवीं तक की कक्षाओं के लिए अभिभावकों में चिंता दिखी। 21 माह के लंबे अंतराल के बाद बच्चों को छोड़ने की फिक्र में कई अभिभावक स्कूल तक पहुंचे। इस दौरान स्कूलों में जहां नन्हें छात्रों ने स्कूल पहुंच कर मस्ती की, वहीं अपने दोस्तों से मिलकर खुशी का भी इजहार किया।
जिले में स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक स्कूल सकोह और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सकोह का निरीक्षण किया। अमर उजाला की टीम 8.45 बजे राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्कोह पहुंची। इस दौरान टीम ने पाया कि स्कूल में कई अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने पहुंचे थे।
वहीं, गेट पर अध्यापक बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे थे। साथ ही उनके हाथों को सैनिटाइज भी करवा रहे थे। इसके अलावा स्कूल पहुंच चुके कुछ नन्हें छात्र स्कूल में मस्ती कर रहे थे। स्कूल पहुंचे अभिभावक चंद्रेश से बात करने पर उन्होंने बताया कि वे स्कूल के खुलने से काफी खुश हैं, क्योंकि बच्चे घर में रह कर पूरी तरह से उत्पात मचाए हुए थे और शरारती हो गए थे। उन्होंने बताया कि पहले दिन वे अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने आए हैं, क्योंकि लंबे समय से स्कूल नहीं खुले हैं, जिसके चलते कई रास्ते भी खराब हुए हैं, जबकि बच्चे भी स्कूल पहुंचने के आदी नहीं रहे हैं। वहीं, इसके बाद संवाद न्यूज एजेंसी की टीम साथ लगते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सकोह में पहुंची, जहां पर बच्चों को कतारों में खड़ा किया गया तथा उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद तापमान को नोट किया जा रहा था। वहीं, उनके हाथों को सैनिटाइजर से धुलवाया जा रहा था।
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इनसेट
बच्चों को सोशन डिस्टेंसिंग के साथ बिठाने के हैं निर्देश
वहीं डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन महेंद्र सिंह ने बताया कि पहले दिन तीसरी से पांचवीं कक्षा तक 62 फीसदी के करीब छात्रों की संख्या दर्ज की गई है। इस दौरान तीसरी कक्षा में 5420 छात्र-छात्राएं पहुंचीं हैं, जबकि चौथी कक्षा में 5137 और पांचवीं कक्षा में 5758 विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। वहीं छठी कक्षा में 4120, सातवीं में 6566 व आठवीं में 9127 छात्र-छात्राएं स्कूलों में उपस्थित हुई हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ छात्रों को बिठाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान स्कूलों में एक डेस्क पर एक ही छात्र को बिठाने को कहा गया था, जिसे स्कूलों ने अमल में लाया है।
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जिले में स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक स्कूल सकोह और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सकोह का निरीक्षण किया। अमर उजाला की टीम 8.45 बजे राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्कोह पहुंची। इस दौरान टीम ने पाया कि स्कूल में कई अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने पहुंचे थे।
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वहीं, गेट पर अध्यापक बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे थे। साथ ही उनके हाथों को सैनिटाइज भी करवा रहे थे। इसके अलावा स्कूल पहुंच चुके कुछ नन्हें छात्र स्कूल में मस्ती कर रहे थे। स्कूल पहुंचे अभिभावक चंद्रेश से बात करने पर उन्होंने बताया कि वे स्कूल के खुलने से काफी खुश हैं, क्योंकि बच्चे घर में रह कर पूरी तरह से उत्पात मचाए हुए थे और शरारती हो गए थे। उन्होंने बताया कि पहले दिन वे अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने आए हैं, क्योंकि लंबे समय से स्कूल नहीं खुले हैं, जिसके चलते कई रास्ते भी खराब हुए हैं, जबकि बच्चे भी स्कूल पहुंचने के आदी नहीं रहे हैं। वहीं, इसके बाद संवाद न्यूज एजेंसी की टीम साथ लगते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सकोह में पहुंची, जहां पर बच्चों को कतारों में खड़ा किया गया तथा उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद तापमान को नोट किया जा रहा था। वहीं, उनके हाथों को सैनिटाइजर से धुलवाया जा रहा था।
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बच्चों को सोशन डिस्टेंसिंग के साथ बिठाने के हैं निर्देश
वहीं डिप्टी डायरेक्टर एलिमेंटरी एजुकेशन महेंद्र सिंह ने बताया कि पहले दिन तीसरी से पांचवीं कक्षा तक 62 फीसदी के करीब छात्रों की संख्या दर्ज की गई है। इस दौरान तीसरी कक्षा में 5420 छात्र-छात्राएं पहुंचीं हैं, जबकि चौथी कक्षा में 5137 और पांचवीं कक्षा में 5758 विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। वहीं छठी कक्षा में 4120, सातवीं में 6566 व आठवीं में 9127 छात्र-छात्राएं स्कूलों में उपस्थित हुई हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ छात्रों को बिठाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान स्कूलों में एक डेस्क पर एक ही छात्र को बिठाने को कहा गया था, जिसे स्कूलों ने अमल में लाया है।