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सेना के जवानों ने बिना बिजली के टेंट में गुजरी रात
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:53 PM IST
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सेना के जवानों ने बिना बिजली के टेंट में गुजरी रात
दूसरे दिन युवाओं ने किया बिजली, पानी और पंखे का प्रबंधन
स्थानीय प्रशासन ने नहीं की कोई व्यवस्था
मनमोहन चंबियाल
फतेहपुर (कांगड़ा)। मिग-21 लड़ाकू विमान जिस स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, वहां पर एयरफोर्स के जवानों ने पहली रात टेंट में अंधेरे में काटी। स्थानीय प्रशासन की ओर से एयरफोर्स के जवानों के लिए कोई भी प्रबंधन नहीं किया गया था। दूसरे दिन स्थानीय युवाओं ने एयरफोर्स के जवानों के टेंट के लिए बिजली, पानी और पंखे का प्रबंध किया। इससे स्थानीय प्रशासन की लाचारी साफ देखने को मिलती है। दूसरे दिन वायुसेना से सेवानिवृत्त पंकज हैपी सहित मोहित शर्मा, मनीष, मोनू, रामपाल, अमित कुमार, डिंपी और रविंद्र पठानिया ने टेंट में बिजली की व्यवस्था के लिए जेनरेटर, पानी और पंखे का प्रबंध किया। पंकज शर्मा ने कहा कि स्थानीय युवाओं के सहयोग से अपने स्तर पर जो भी मदद हो सकती है, वह की है। उन्होंने कहा कि जब तक आर्मी की टीम यहां रहेगी, युवाओं की टीम भी सेना की हर तरह से मदद को उपलब्ध रहेगी। उधर, एसडीएम फतेहपुर बलवान चंद ने कहा कि बुधवार को सेना के जवानों को रहने संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में पूछा गया था, लेकिन उन्होंने किसी प्रकार कोई चीज नहीं मांगी।
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दूसरे दिन युवाओं ने किया बिजली, पानी और पंखे का प्रबंधन
स्थानीय प्रशासन ने नहीं की कोई व्यवस्था
मनमोहन चंबियाल
फतेहपुर (कांगड़ा)। मिग-21 लड़ाकू विमान जिस स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, वहां पर एयरफोर्स के जवानों ने पहली रात टेंट में अंधेरे में काटी। स्थानीय प्रशासन की ओर से एयरफोर्स के जवानों के लिए कोई भी प्रबंधन नहीं किया गया था। दूसरे दिन स्थानीय युवाओं ने एयरफोर्स के जवानों के टेंट के लिए बिजली, पानी और पंखे का प्रबंध किया। इससे स्थानीय प्रशासन की लाचारी साफ देखने को मिलती है। दूसरे दिन वायुसेना से सेवानिवृत्त पंकज हैपी सहित मोहित शर्मा, मनीष, मोनू, रामपाल, अमित कुमार, डिंपी और रविंद्र पठानिया ने टेंट में बिजली की व्यवस्था के लिए जेनरेटर, पानी और पंखे का प्रबंध किया। पंकज शर्मा ने कहा कि स्थानीय युवाओं के सहयोग से अपने स्तर पर जो भी मदद हो सकती है, वह की है। उन्होंने कहा कि जब तक आर्मी की टीम यहां रहेगी, युवाओं की टीम भी सेना की हर तरह से मदद को उपलब्ध रहेगी। उधर, एसडीएम फतेहपुर बलवान चंद ने कहा कि बुधवार को सेना के जवानों को रहने संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में पूछा गया था, लेकिन उन्होंने किसी प्रकार कोई चीज नहीं मांगी।