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नगरोटा बगवां बस अड्डे में हटाया अतिक्रमण
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:34 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां पुराने बस अड्डे में अतिक्रमण हटाने को लेकर गत दिनों नप और संबंधित क्षेत्र के दुकानदारों के बीच पनपा विवाद सुलझ गया है। रविवार को दुकानदारों ने स्वयं ही नालियों पर निर्मित पक्के स्लैब हटाकर और उनके स्थान पर लोहे के जंगले लगाकर इस विवाद को अपनी तरफ से विराम लगा दिया। कुछ दिन पहले नप ने बिना किसी पूर्व सूचना के पुराने बस अड्डा में पुलिस की मदद लेकर अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आरंभ कर दी थी, लेकिन दुकानदारों ने शादियों के सीजन और अतिक्रमण हटाने की पूर्व सूचना न देने की दलील देते हुए अपनी दुकानों के आगे फैलाए सामान को हटाने में असमर्थता जताते हुए कार्रवाई का जमकर विरोध किया था। नप के कर्मचारियों के साथ काफी तनातनी और बहसबाजी के बाद आखिर मामला नप कार्यालय तक पहुंच गया था। यहां नप ईओ और प्रधान ने नालियों के बंद हो जाने से सफाई व्यवस्था और सामान फैलाने से यातायात व्यवस्था में पड़ रहे व्यवधान को लेकर अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया था। लेकिन, इस मामले में दुकानदारों ने अपना पक्ष रखते हुए उन्हें अपना सामान और नालियों पर बनाए गए पक्के स्लैब हटाने को समय मांगा था। नप ने उन्हें रविवार तक अपने अतिक्रमण हटाने की समय सीमा तय की थी। ररिवार को संबंधित दुकानदारों ने स्वयं ही अपनी दुकानों के आगे नालियों पर बने पक्के स्लैब उखाड़ कर और उनके स्थान पर लोहे के जंगले लगाकर नप के साथ इस विवाद को समाप्त कर दिया है।
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नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां पुराने बस अड्डे में अतिक्रमण हटाने को लेकर गत दिनों नप और संबंधित क्षेत्र के दुकानदारों के बीच पनपा विवाद सुलझ गया है। रविवार को दुकानदारों ने स्वयं ही नालियों पर निर्मित पक्के स्लैब हटाकर और उनके स्थान पर लोहे के जंगले लगाकर इस विवाद को अपनी तरफ से विराम लगा दिया। कुछ दिन पहले नप ने बिना किसी पूर्व सूचना के पुराने बस अड्डा में पुलिस की मदद लेकर अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आरंभ कर दी थी, लेकिन दुकानदारों ने शादियों के सीजन और अतिक्रमण हटाने की पूर्व सूचना न देने की दलील देते हुए अपनी दुकानों के आगे फैलाए सामान को हटाने में असमर्थता जताते हुए कार्रवाई का जमकर विरोध किया था। नप के कर्मचारियों के साथ काफी तनातनी और बहसबाजी के बाद आखिर मामला नप कार्यालय तक पहुंच गया था। यहां नप ईओ और प्रधान ने नालियों के बंद हो जाने से सफाई व्यवस्था और सामान फैलाने से यातायात व्यवस्था में पड़ रहे व्यवधान को लेकर अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया था। लेकिन, इस मामले में दुकानदारों ने अपना पक्ष रखते हुए उन्हें अपना सामान और नालियों पर बनाए गए पक्के स्लैब हटाने को समय मांगा था। नप ने उन्हें रविवार तक अपने अतिक्रमण हटाने की समय सीमा तय की थी। ररिवार को संबंधित दुकानदारों ने स्वयं ही अपनी दुकानों के आगे नालियों पर बने पक्के स्लैब उखाड़ कर और उनके स्थान पर लोहे के जंगले लगाकर नप के साथ इस विवाद को समाप्त कर दिया है।