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लावारिस पशुओं पर नकेल न कसी तो करेंगे आंदोलन
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लंज (कांगड़ा)। अपर लंज पंचायत के फेरा गांव में किसान सभा की बैठक हुई। इसमें क्षेत्र के किसानों के लिए सिरदर्द बने लावारिस पशुओं और बंदरों की बढ़ती संख्या की रोकथाम के बारे विचार-विमर्श किया गया।
किसान सभा लंज के प्रधान रघुवीर सिंह पांजला ने बताया कि बैठक में चंगर की लगभग दस पंचायतों के किसान प्रधानों और 150 से ज्यादा किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों एसडीएम कांगड़ा को चालीस लावारिस पशुओं की सूची सौंपी गई थी। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा था कि इस पत्र को पशुपालन विभाग को प्रेषित कर दिया है। विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बताया कि किसानों की फसलों को लावारिस पशु और बंदर खा जाते हैं। इससे किसानों ने खेतीबाड़ी करना ही छोड़ दिया है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बनकर बैठा है। शीघ्र ही समस्या का हल न किया गया, तो किसान आंदोलन करेंगे। बैठक में चौधरी देवराज, मिल्खी राम, जय चंद, राज कपूर, फोजा सिंह, नरदेव सिंह, देवराज, सोमा देवी, आशा देवी, सुनीता, कृष्णा देवी, रागनी और कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।
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लंज (कांगड़ा)। अपर लंज पंचायत के फेरा गांव में किसान सभा की बैठक हुई। इसमें क्षेत्र के किसानों के लिए सिरदर्द बने लावारिस पशुओं और बंदरों की बढ़ती संख्या की रोकथाम के बारे विचार-विमर्श किया गया।
किसान सभा लंज के प्रधान रघुवीर सिंह पांजला ने बताया कि बैठक में चंगर की लगभग दस पंचायतों के किसान प्रधानों और 150 से ज्यादा किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों एसडीएम कांगड़ा को चालीस लावारिस पशुओं की सूची सौंपी गई थी। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा था कि इस पत्र को पशुपालन विभाग को प्रेषित कर दिया है। विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बताया कि किसानों की फसलों को लावारिस पशु और बंदर खा जाते हैं। इससे किसानों ने खेतीबाड़ी करना ही छोड़ दिया है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बनकर बैठा है। शीघ्र ही समस्या का हल न किया गया, तो किसान आंदोलन करेंगे। बैठक में चौधरी देवराज, मिल्खी राम, जय चंद, राज कपूर, फोजा सिंह, नरदेव सिंह, देवराज, सोमा देवी, आशा देवी, सुनीता, कृष्णा देवी, रागनी और कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।
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