{"_id":"5aac02134f1c1bb2758b5cb7","slug":"201521222163-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजे का विरोध करें फोरलेन प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजे का विरोध करें फोरलेन प्रभावित
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुआवजे का विरोध करेंगे फोरलेन प्रभावित
संघर्ष समिति ने लोगों से किया आह्वान
जसूर (कांगड़ा)। फोरलेन सड़क परियोजना से प्रभावित होने वाले लोग तुरंत आवेदन कर सरकारी दर से मिल रहे कथित मुआवजे का विरोध करेंगे। साथ ही तहसीलदार नूरपुर के माध्यम से जिलाधीश कांगड़ा को मुआवजे पर आपत्तियां भेजेंगे। यह बात फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजीव जरियाल और महासचिव विजय सिंह हीर ने दी। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिसूचना के मुताबिक इस प्रकार की आपत्तियों को दर्ज करवाए जाने की अंतिम तिथि 20 मार्च है। वर्तमान मुआवजा राशि की सरकारी दर का रेट 50 से 60 हजार प्रति मरला के हिसाब से बन रहा है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस भूमि का रेट पांच से सात लाख प्रति मरला चल रहा है। कंडवाल, पक्का टियाला, नागावाड़ी, राजा का तालाब, छतरौली, जाच्छ, बोड़ की करीब दस किलोमीटर लंबी सड़क के किनारे बसे लोगों को संघर्ष समिति केंद्र और राज्य सरकार से बाजार भाव की दर से मुआवजे की मांग करती है। उन्होंने प्रभावित होने वाले लोगों से आग्रह किया है कि बिना देरी किए अपनी आपत्ति विभाग में दर्ज करवाएं तथा किसी प्रकार के मार्गदर्शन के लिए संघर्ष समिति के अधिकारियों से संपर्क करें।
विज्ञापन
संघर्ष समिति ने लोगों से किया आह्वान
जसूर (कांगड़ा)। फोरलेन सड़क परियोजना से प्रभावित होने वाले लोग तुरंत आवेदन कर सरकारी दर से मिल रहे कथित मुआवजे का विरोध करेंगे। साथ ही तहसीलदार नूरपुर के माध्यम से जिलाधीश कांगड़ा को मुआवजे पर आपत्तियां भेजेंगे। यह बात फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजीव जरियाल और महासचिव विजय सिंह हीर ने दी। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिसूचना के मुताबिक इस प्रकार की आपत्तियों को दर्ज करवाए जाने की अंतिम तिथि 20 मार्च है। वर्तमान मुआवजा राशि की सरकारी दर का रेट 50 से 60 हजार प्रति मरला के हिसाब से बन रहा है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस भूमि का रेट पांच से सात लाख प्रति मरला चल रहा है। कंडवाल, पक्का टियाला, नागावाड़ी, राजा का तालाब, छतरौली, जाच्छ, बोड़ की करीब दस किलोमीटर लंबी सड़क के किनारे बसे लोगों को संघर्ष समिति केंद्र और राज्य सरकार से बाजार भाव की दर से मुआवजे की मांग करती है। उन्होंने प्रभावित होने वाले लोगों से आग्रह किया है कि बिना देरी किए अपनी आपत्ति विभाग में दर्ज करवाएं तथा किसी प्रकार के मार्गदर्शन के लिए संघर्ष समिति के अधिकारियों से संपर्क करें।