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पंचायत तकनीकी सहायक नहीं हुए नियमित
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:09 AM IST
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जवाली(कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज विभाग में कार्यरत तकनीकी सहायक संघ के संयोजक विजय शर्मा और महासचिव ओम प्रकाश राणा ने कहा कि तकनीकी सहायक पिछले 16 सालों से नियमितीकरण के लिए तरस रहे हैं। उनकी आस अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। पिछले करीब चार-पांच माह से तकनीकी सहायकों को वेतन न मिलने के कारण रोजी-रोटी के लाले पड़े हुए हैं।
वर्ष 2002 में सत्तासीन भाजपा सरकार ने प्रदेश के पंचायती राज विभाग में तकनीकी सहायकों की नियुक्ति की थी। तकरीबन 1081 तकनीकी सहायक कार्यरत हैं, जो अपने कार्य को बखूबी निभा रहे हैं। वर्ष 2008 में तत्कालीन ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर ने तकनीकी सहायकों के हित में बेहतरीन निर्णय लिए। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने उन फैसलों को पलटते हुए तकनीकी सहायकों का भविष्य अंधकारमयी कर दिया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में नियुक्त तकनीकी सहायकों को 16 साल का समय बीत जाने के बाद भी नियमित करने की बजाए नियमित पे स्केल ही दिया गया। यही नहीं विभाग की बजाए उनको मनरेगा योजना से वेतन देने की नीति बना डाली। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने हमेशा ही तकनीकी सहायकों की अनदेखी ही की। अब प्रदेश में जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री बने हैं तो तकनीकी सहायकों को नियमितीकरण की आस जगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग उठाई है कि पंचायती राज विभाग में कार्यरत तकनीकी सहायकों के नियमितीकरण के लिए पॉलिसी बनाई जाए और रुके पड़े वेतन को दिलवाया जाए।
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वर्ष 2002 में सत्तासीन भाजपा सरकार ने प्रदेश के पंचायती राज विभाग में तकनीकी सहायकों की नियुक्ति की थी। तकरीबन 1081 तकनीकी सहायक कार्यरत हैं, जो अपने कार्य को बखूबी निभा रहे हैं। वर्ष 2008 में तत्कालीन ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर ने तकनीकी सहायकों के हित में बेहतरीन निर्णय लिए। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने उन फैसलों को पलटते हुए तकनीकी सहायकों का भविष्य अंधकारमयी कर दिया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में नियुक्त तकनीकी सहायकों को 16 साल का समय बीत जाने के बाद भी नियमित करने की बजाए नियमित पे स्केल ही दिया गया। यही नहीं विभाग की बजाए उनको मनरेगा योजना से वेतन देने की नीति बना डाली। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने हमेशा ही तकनीकी सहायकों की अनदेखी ही की। अब प्रदेश में जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री बने हैं तो तकनीकी सहायकों को नियमितीकरण की आस जगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग उठाई है कि पंचायती राज विभाग में कार्यरत तकनीकी सहायकों के नियमितीकरण के लिए पॉलिसी बनाई जाए और रुके पड़े वेतन को दिलवाया जाए।
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