{"_id":"5a0b29b54f1c1b74698bbade","slug":"191510681013-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस्पात उद्योग के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस्पात उद्योग के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
डमटाल/इंदौरा (कांगड़ा)। इंदौरा के बाई अट्टारिया औद्योगिक क्षेत्र के एक उद्योग के खिलाफ गांव के लोग ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने उद्योग से निकलने वाले प्रदूषित धुएं को लेकर गेट के बाहर नारेबाजी की और प्रशासन से उद्योग को बंद करवाने की मांग की। शेखुपुर पंचायत के उपप्रधान सुधीर पठानिया, बीडीसी मेंबर सुशील कुमार, रमन पठानिया, रवि कुमार, शुभम कुंडल, नरेश कुमार, रिशव, अंकु, सुखदेव मन्हास, संजीव कुमार, सुभाष कुमार, बिट्टू इत्यादि ने बताया कि बाई अट्टारिया गांव में स्थापित आईडी सूद इस्पात इंडस्ट्री में लोहे की स्क्रैप ढालने का काम किया जाता है, लेकिन इससे निकलने वाले जहरीले धुएं से गांववासी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इस धुएं से भयंकर बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है और पूरे गांव में घरों के अंदर काले धुएं से मकान और हर चीज काली हो रही है। साथ ही लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। यही नहीं, उद्योग से निकलने वाली स्क्रैप को गांव में बहती छौंछ खड्ड में उद्योग बिना किसी मंजूरी के फेंक रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में प्रशासन को शिकायत पत्र भी सौंपा था, लेकिन कई माह बीत जाने के बावजूद अभी तक प्रशासन ने उद्योग के खिलाफ कोई भी कड़ा कदम नहीं उठाया गया। उद्योग की चिमनी जो सही ऊंचाई में न होकर उद्योग की छत तक ही सीमित है, जिसके कारण फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं पूरे गांव में फैल रहा है। गांववासियों ने चेताया कि यदि एक हफ्ते तक इस उद्योग पर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो गांववासी रास्ता रोकने पर मजबूर होंगे।
एसडीएम इंदौरा अंकुश शर्मा ने बताया कि वह जल्द उद्योग का दौरा करेंगे और उद्योग में अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
असिस्टेंट एन्वायरनमेंट इंजीनियर वरुण गुप्ता ने बताया कि लोगों की शिकायत को लेकर प्रदूषण बोर्ड ने पहले भी उद्योग का दौरा किया था और उद्योग में लगे प्रदूषण नियंत्रक को अपडेट करवाया गया था। चिमनी ऊंची न होने की परेशानी को लेकर उद्योग को धुएं वाली चिमनी को उचित ऊंचाई पर बनाने के लिए कहा जाएगा।
इंडस्ट्री के प्रबंधक केके तिवारी ने कहा कि चिमनी को उचित ऊंचाई पर न बनाने का कारण उद्योग के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज की तारें और डिफेंस एरिया होने के कारण नहीं बढ़ाया जा सकता। इस कारण यह समस्या पैदा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डमटाल/इंदौरा (कांगड़ा)। इंदौरा के बाई अट्टारिया औद्योगिक क्षेत्र के एक उद्योग के खिलाफ गांव के लोग ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने उद्योग से निकलने वाले प्रदूषित धुएं को लेकर गेट के बाहर नारेबाजी की और प्रशासन से उद्योग को बंद करवाने की मांग की। शेखुपुर पंचायत के उपप्रधान सुधीर पठानिया, बीडीसी मेंबर सुशील कुमार, रमन पठानिया, रवि कुमार, शुभम कुंडल, नरेश कुमार, रिशव, अंकु, सुखदेव मन्हास, संजीव कुमार, सुभाष कुमार, बिट्टू इत्यादि ने बताया कि बाई अट्टारिया गांव में स्थापित आईडी सूद इस्पात इंडस्ट्री में लोहे की स्क्रैप ढालने का काम किया जाता है, लेकिन इससे निकलने वाले जहरीले धुएं से गांववासी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इस धुएं से भयंकर बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है और पूरे गांव में घरों के अंदर काले धुएं से मकान और हर चीज काली हो रही है। साथ ही लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। यही नहीं, उद्योग से निकलने वाली स्क्रैप को गांव में बहती छौंछ खड्ड में उद्योग बिना किसी मंजूरी के फेंक रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में प्रशासन को शिकायत पत्र भी सौंपा था, लेकिन कई माह बीत जाने के बावजूद अभी तक प्रशासन ने उद्योग के खिलाफ कोई भी कड़ा कदम नहीं उठाया गया। उद्योग की चिमनी जो सही ऊंचाई में न होकर उद्योग की छत तक ही सीमित है, जिसके कारण फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं पूरे गांव में फैल रहा है। गांववासियों ने चेताया कि यदि एक हफ्ते तक इस उद्योग पर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो गांववासी रास्ता रोकने पर मजबूर होंगे।
एसडीएम इंदौरा अंकुश शर्मा ने बताया कि वह जल्द उद्योग का दौरा करेंगे और उद्योग में अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
असिस्टेंट एन्वायरनमेंट इंजीनियर वरुण गुप्ता ने बताया कि लोगों की शिकायत को लेकर प्रदूषण बोर्ड ने पहले भी उद्योग का दौरा किया था और उद्योग में लगे प्रदूषण नियंत्रक को अपडेट करवाया गया था। चिमनी ऊंची न होने की परेशानी को लेकर उद्योग को धुएं वाली चिमनी को उचित ऊंचाई पर बनाने के लिए कहा जाएगा।
विज्ञापन
इंडस्ट्री के प्रबंधक केके तिवारी ने कहा कि चिमनी को उचित ऊंचाई पर न बनाने का कारण उद्योग के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज की तारें और डिफेंस एरिया होने के कारण नहीं बढ़ाया जा सकता। इस कारण यह समस्या पैदा हो रही है।
विज्ञापन