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30 फीसदी बढ़ा दिया स्कूली वाहनों का किराया.
Updated Tue, 17 Apr 2018 11:52 PM IST
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तीस फीसदी बढ़ा दिया स्कूली वाहनों का किराया
जिला प्रशासन की सख्ती के बाद टैक्सी ऑपरेटरों की मनमानी
हजारों अभिभावक अचानक स्कूल वाहन किराये में बढ़ोतरी से परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिला प्रशासन की निजी स्कूल बस ऑपरेटरों और टैक्सी चालकों पर कसी गई नकेल के बाद अब टैक्सी ऑपरेटरों ने एकाएक किराया 30 फीसदी तक बढ़ा दिया है। अचानक बढ़े इस किराये से हजारों अभिभावकों में रोष है।
अभिभावकों कविता, राजेश, कोमल, रेहान शर्मा, गुलशन ठाकुर, अमित चौधरी की मानें तो टैक्सी ऑपरेटर तर्क दे रहे हैं कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसा है। इसके चलते उन्हें अपने वाहनों में सवारियों को कम करना पड़ रहा है। ऐसे में अपने घाटे को पूरा करने के लिए किराये को बढ़ाना ही उनके पास एकमात्र विकल्प है। वे अब मई महीने में 30 फीसदी बढ़ा हुआ किराया लेंगे।
स्कूलों के लिए दौड़ रहीं टैक्सियों के मालिकों ने कुछ अभिभावकों को उनके बच्चों को स्कूल लाने और वापस ले जाने से भी इनकार कर दिया है। इसके चलते अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाने का खुद ही प्रबंध करना पड़ रहा है। इससे जहां उनके समय की बर्बादी हो रही है, वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे टैक्सी ऑपरेटरों के बढ़ाए गए 30 फीसदी किराये को कम करवाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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कोट
- टैक्सी ऑपरेटरों ने किराये में वृद्धि की है, ऐसा कोई मामला मेरा ध्यान में नहीं है। आज ही धर्मशाला और पालमपुर में टैक्सी यूनियन के साथ बैठक हुई है। अगर फिर भी कोई टैक्सी ऑपरेटर किराया बढ़ाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- मेजर विशाल शर्मा, आरटीओ, कांगड़ा
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जिला प्रशासन की सख्ती के बाद टैक्सी ऑपरेटरों की मनमानी
हजारों अभिभावक अचानक स्कूल वाहन किराये में बढ़ोतरी से परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिला प्रशासन की निजी स्कूल बस ऑपरेटरों और टैक्सी चालकों पर कसी गई नकेल के बाद अब टैक्सी ऑपरेटरों ने एकाएक किराया 30 फीसदी तक बढ़ा दिया है। अचानक बढ़े इस किराये से हजारों अभिभावकों में रोष है।
अभिभावकों कविता, राजेश, कोमल, रेहान शर्मा, गुलशन ठाकुर, अमित चौधरी की मानें तो टैक्सी ऑपरेटर तर्क दे रहे हैं कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसा है। इसके चलते उन्हें अपने वाहनों में सवारियों को कम करना पड़ रहा है। ऐसे में अपने घाटे को पूरा करने के लिए किराये को बढ़ाना ही उनके पास एकमात्र विकल्प है। वे अब मई महीने में 30 फीसदी बढ़ा हुआ किराया लेंगे।
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स्कूलों के लिए दौड़ रहीं टैक्सियों के मालिकों ने कुछ अभिभावकों को उनके बच्चों को स्कूल लाने और वापस ले जाने से भी इनकार कर दिया है। इसके चलते अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाने का खुद ही प्रबंध करना पड़ रहा है। इससे जहां उनके समय की बर्बादी हो रही है, वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे टैक्सी ऑपरेटरों के बढ़ाए गए 30 फीसदी किराये को कम करवाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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कोट
- टैक्सी ऑपरेटरों ने किराये में वृद्धि की है, ऐसा कोई मामला मेरा ध्यान में नहीं है। आज ही धर्मशाला और पालमपुर में टैक्सी यूनियन के साथ बैठक हुई है। अगर फिर भी कोई टैक्सी ऑपरेटर किराया बढ़ाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- मेजर विशाल शर्मा, आरटीओ, कांगड़ा