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बाहर से दवाई खरीद पर मंत्री ने किए प्रश्न
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने सोमवार को सिविल अस्पताल पालमपुर का निरीक्षण कर डॉक्टरों की सेवाओं से लेकर सफाई कर्मचारियों के झाड़ू तक का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पतालों में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। मंत्री ने वार्ड में जाकर मरीजों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। साथ ही अस्पताल के भोजनालय भी निरीक्षण किया।
सोमवार को सिविल अस्पताल में टीबी को लेकर शुरू की गई योजना एसीएफ का शुभारंभ करने के बाद परमार सीधे मरीजों के वार्ड में गए। इसमें उन्होंने मरीजों से बात कर अस्पताल में दवाइयों और मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। एक मरीज के पास पड़ी दवाई को लेकर भी उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सवाल पूछा कि क्या यह दवाई अस्पताल में नहीं मिलती। इस पर अस्पताल प्रशासन का कहना था कि यह अस्पताल में मिल रही 330 दवाइयों में नहीं आती। इस पर परमार चुप तो हो गए, लेकिन वे इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे। लिहाजा, उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इस दवाई का नाम लिख कर देने को कहा, जबकि एक सांस की मरीज से बात कर उन्होंने वार्ड में मौजूद नर्स को बुलाकर पूछ लिया कि नर्स की क्या ड्यूटी होती है। इस पर उन्होंने नर्स से कई सवाल जवाब किए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अस्पताल की सफाई को लेकर विशेष ध्यान देने को कहा। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल में चल रही गतिविधियों से संतुष्ट दिखे, लेकिन तेवर कड़क भी दिखे। इस मौके पर उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष विनय शर्मा, अस्पताल के एमएस डॉ. विनय महाजन और डॉ. जयदेश राणा भी साथ रहे।
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पालमपुर (कांगड़ा)। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने सोमवार को सिविल अस्पताल पालमपुर का निरीक्षण कर डॉक्टरों की सेवाओं से लेकर सफाई कर्मचारियों के झाड़ू तक का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पतालों में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। मंत्री ने वार्ड में जाकर मरीजों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। साथ ही अस्पताल के भोजनालय भी निरीक्षण किया।
सोमवार को सिविल अस्पताल में टीबी को लेकर शुरू की गई योजना एसीएफ का शुभारंभ करने के बाद परमार सीधे मरीजों के वार्ड में गए। इसमें उन्होंने मरीजों से बात कर अस्पताल में दवाइयों और मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। एक मरीज के पास पड़ी दवाई को लेकर भी उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सवाल पूछा कि क्या यह दवाई अस्पताल में नहीं मिलती। इस पर अस्पताल प्रशासन का कहना था कि यह अस्पताल में मिल रही 330 दवाइयों में नहीं आती। इस पर परमार चुप तो हो गए, लेकिन वे इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे। लिहाजा, उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इस दवाई का नाम लिख कर देने को कहा, जबकि एक सांस की मरीज से बात कर उन्होंने वार्ड में मौजूद नर्स को बुलाकर पूछ लिया कि नर्स की क्या ड्यूटी होती है। इस पर उन्होंने नर्स से कई सवाल जवाब किए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अस्पताल की सफाई को लेकर विशेष ध्यान देने को कहा। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल में चल रही गतिविधियों से संतुष्ट दिखे, लेकिन तेवर कड़क भी दिखे। इस मौके पर उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष विनय शर्मा, अस्पताल के एमएस डॉ. विनय महाजन और डॉ. जयदेश राणा भी साथ रहे।
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