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चंबा के होली से बड़ा भंगाल रवाना हुआ बचाव दल
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:10 AM IST
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होली से बड़ा भंगाल रवाना हुआ बचाव दल
मौसम की बेरुखी बढ़ा सकती है लोगों की मुसीबतें
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। बड़ा भंगाल के लिए चंबा के होली के रास्ते आठ सदस्यीय बचाव दल शनिवार सुबह रवाना हो गया। यह दल रविवार दोपहर बाद बड़ा भंगाल पहुंचेगा। वहीं, बड़ा भंगाल से आधा दर्जन लोग होली से होते हुए वापस चंबा पहुंचे हैं, इनमें पालमपुर और बंदला के कंडी गांव के भेड़ पालक लांची राम भी शामिल हैं। लांची राम पिछले दिनों बड़ा भंगाल में पत्थर की चपेट में आने से घायल हो गए थे। शनिवार को होली में उनका उपचार करवाया गया है। रविवार को वह पालमपुर पहुंचेंगे। बड़ा भंगाल से वापस लौटे लोगों में शामिल घुमंतू पशुपालक महासभा की सचिव पवना ने बताया कि बड़ा भंगाल में अब भी करीब तीन सौ लोग हैं। इनमें स्कूली बच्चों के अतिरिक्त अध्यापक, पंचायत सचिव और गांववासी हैं। इसके अतिरिक्त बड़ा भंगाल के आसपास के क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक डेरे हैं। होली में दल को बड़ा भंगाल रवाना करने गए सभा के तहसील कमेटी अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया ने बताया कि अगले दो-तीन दिन बाद एक बचाव दल को बड़ाग्रां से होते हुए पलाचक और परनोहटू रास्ते से भेजा जाएगा। बर्फबारी के कारण फंसे लोगों और पशुधन को मराला जोत के रास्ते से वापस लाने का प्रयास किया जाएगा।
बर्फबारी होने पर होली के रास्ते आना होगा मुश्किल
घुमंतू पशुपालक महासभा की सचिव पवना ने बताया कि मौसम के अनुकूल रहने पर ही मराला जोत से लोग और पशुधन वापस आ पाएगा। आगामी दिनों में बर्फबारी होने पर लोगों के लिए होली का रास्ता ही एकमात्र विकल्प होगा। होली के रास्ते पशुओं, बुजुर्गों और बच्चों को लाना आसान नहीं होगा।
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मौसम की बेरुखी बढ़ा सकती है लोगों की मुसीबतें
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। बड़ा भंगाल के लिए चंबा के होली के रास्ते आठ सदस्यीय बचाव दल शनिवार सुबह रवाना हो गया। यह दल रविवार दोपहर बाद बड़ा भंगाल पहुंचेगा। वहीं, बड़ा भंगाल से आधा दर्जन लोग होली से होते हुए वापस चंबा पहुंचे हैं, इनमें पालमपुर और बंदला के कंडी गांव के भेड़ पालक लांची राम भी शामिल हैं। लांची राम पिछले दिनों बड़ा भंगाल में पत्थर की चपेट में आने से घायल हो गए थे। शनिवार को होली में उनका उपचार करवाया गया है। रविवार को वह पालमपुर पहुंचेंगे। बड़ा भंगाल से वापस लौटे लोगों में शामिल घुमंतू पशुपालक महासभा की सचिव पवना ने बताया कि बड़ा भंगाल में अब भी करीब तीन सौ लोग हैं। इनमें स्कूली बच्चों के अतिरिक्त अध्यापक, पंचायत सचिव और गांववासी हैं। इसके अतिरिक्त बड़ा भंगाल के आसपास के क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक डेरे हैं। होली में दल को बड़ा भंगाल रवाना करने गए सभा के तहसील कमेटी अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया ने बताया कि अगले दो-तीन दिन बाद एक बचाव दल को बड़ाग्रां से होते हुए पलाचक और परनोहटू रास्ते से भेजा जाएगा। बर्फबारी के कारण फंसे लोगों और पशुधन को मराला जोत के रास्ते से वापस लाने का प्रयास किया जाएगा।
बर्फबारी होने पर होली के रास्ते आना होगा मुश्किल
घुमंतू पशुपालक महासभा की सचिव पवना ने बताया कि मौसम के अनुकूल रहने पर ही मराला जोत से लोग और पशुधन वापस आ पाएगा। आगामी दिनों में बर्फबारी होने पर लोगों के लिए होली का रास्ता ही एकमात्र विकल्प होगा। होली के रास्ते पशुओं, बुजुर्गों और बच्चों को लाना आसान नहीं होगा।
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