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अधवानी में स्टोन क्रशर लगने से पहले विरोध
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:20 PM IST
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अधवानी में स्टोन क्रशर लगने से पहले विरोध
ग्रामीणों ने की नारेबाजी, एसडीएम ने दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। उपमंडल ज्वालामुखी के अधवानी में ब्यास नदी किनारे स्टोन क्रशर स्थापित होने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। अधवानी के बाशिंदों ने स्टोन क्रशर के विरोध में नारेबाजी की है। लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर से स्टोन क्रशर की अनुमति को रद्द करने की लिखित शिकायत की है। लोगों का कहना है कि उन्हें इस मामले की भनक तब लगी, जब खनन विभाग की टीम ब्यास नदी के किनारे लगने जा रहे स्टोन क्रशर का मौका देखने के लिए पहुंची थी। ग्रामीणों ने दलील दी है कि जहां क्रशर लगने जा रहा है, वहां से 400 मीटर की दूरी पर सरकारी स्कूल है। बर्ड सेंक्चुरी का स्थान भी इसके साथ लगता है। पूरा प्रशासनिक अमला अधवानी में मौके पर पहुंच गया और गांववासियों को समझाने का काफी प्रयास किया।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम ज्वालामुखी राकेश शर्मा ने लोगों की बात गंभीरता से सुनी। लोगों ने कहा कि उनकी और ग्रामीणों की मलकीयत भूमि पर एक ठेकेदार द्वारा स्टोन क्रशर लगाने की तैयारी की जा रही है, जो गलत है। स्टोन क्रशर लगाने के लिए जो मापदंड तय होने चाहिए, उनकी अवहेलना की जा रही है। क्रशर को जाने के लिए रास्ता भी नहीं है। यहां के लिए लोगों की पशुशाला से होकर रास्ता जाता है। यहां विभाग की ओर से पौधे लगाए गए हैं और गांव भी साथ लगता है। थोड़ी ही दूर पर सरकारी स्कूल भी है। नियमों को ताक पर रख कर क्रशर को प्रधान द्वारा मंजूरी दी गई है। ग्रामीणों राकेश कुमार, श्रवण, करतार चंद, सोमा देवी आदि ने बताया कि वे आंदोलन की राह अपनाएंगे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, जिलाधीश और एसडीएम को शिकायत पत्र सौंप दिया है। एसडीएम राकेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर मौका किया गया है।
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ग्रामीणों ने की नारेबाजी, एसडीएम ने दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। उपमंडल ज्वालामुखी के अधवानी में ब्यास नदी किनारे स्टोन क्रशर स्थापित होने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। अधवानी के बाशिंदों ने स्टोन क्रशर के विरोध में नारेबाजी की है। लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर से स्टोन क्रशर की अनुमति को रद्द करने की लिखित शिकायत की है। लोगों का कहना है कि उन्हें इस मामले की भनक तब लगी, जब खनन विभाग की टीम ब्यास नदी के किनारे लगने जा रहे स्टोन क्रशर का मौका देखने के लिए पहुंची थी। ग्रामीणों ने दलील दी है कि जहां क्रशर लगने जा रहा है, वहां से 400 मीटर की दूरी पर सरकारी स्कूल है। बर्ड सेंक्चुरी का स्थान भी इसके साथ लगता है। पूरा प्रशासनिक अमला अधवानी में मौके पर पहुंच गया और गांववासियों को समझाने का काफी प्रयास किया।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम ज्वालामुखी राकेश शर्मा ने लोगों की बात गंभीरता से सुनी। लोगों ने कहा कि उनकी और ग्रामीणों की मलकीयत भूमि पर एक ठेकेदार द्वारा स्टोन क्रशर लगाने की तैयारी की जा रही है, जो गलत है। स्टोन क्रशर लगाने के लिए जो मापदंड तय होने चाहिए, उनकी अवहेलना की जा रही है। क्रशर को जाने के लिए रास्ता भी नहीं है। यहां के लिए लोगों की पशुशाला से होकर रास्ता जाता है। यहां विभाग की ओर से पौधे लगाए गए हैं और गांव भी साथ लगता है। थोड़ी ही दूर पर सरकारी स्कूल भी है। नियमों को ताक पर रख कर क्रशर को प्रधान द्वारा मंजूरी दी गई है। ग्रामीणों राकेश कुमार, श्रवण, करतार चंद, सोमा देवी आदि ने बताया कि वे आंदोलन की राह अपनाएंगे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, जिलाधीश और एसडीएम को शिकायत पत्र सौंप दिया है। एसडीएम राकेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर मौका किया गया है।
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