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जल्द बहाल किए जाएं बिजली-पानी के कनेक्शन
Updated Sat, 17 Feb 2018 11:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। भागसूनाग और धर्मकोट के लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि सरकार ने अनधिकृत रूप से चल रहे होटलों के साथ होम स्टे योजना के तहत बनाए गए अधिकृत गेस्ट हाउस के भी बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। वर्ष में केवल तीन माह ही इन पर्यटन स्थलों में कारोबार की संभावना रहती है लेकिन लोगों की आजीविका पर सरकार ने डाका मार दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रोजगार अपनाया था, लेकिन उसे सरकार बंद कर रही है और वे बेरोजगार हो गए हैं।
भागसूनाग और धर्मकोट के लोगों ने शिकायत पत्र डीसी कांगड़ा को सौंपा और मांग की कि गलत तरीके से गेस्ट हाउस के काटे गए बिजली-पानी के कनेक्शन दोबारा बहाल किए जाएं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने होम स्टे योजना के अंतर्गत सरकारी नियमों के तहत ही गेस्ट हाउस बनाए हैं।
उन सबके नक्शे भी सरकारी नियमों के तहत ही बने हैं। सभी ने विभाग से कामर्शियल बिजल-पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन भी किया हुआ है लेकिन विभाग की ओर से इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। धर्मकोट निवासी निशा कपूर ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं। उनकी आय का केवल यही एक मात्र सहारा है, जिसकी बिजली-पानी का कनेक्शन विभाग की ओर से अनधिकृत रूप से काटा गया है। चतर सिंह चौहान ने बताया कि विभाग की ओर से जिन गेस्ट हाउस के बिजली-पानी के कनेक्शन काटे गए हैं, उन्हें शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए। कुलदीप सिंह, हंसराज, कुलदीप नैहरिया, होशियार सिंह, मदन लाल, रमेश, कमलेश कुमार, संजीव नैहरिया, रजनी चौहान, भागसनागू महिला मंडल प्रधान तृप्ता देवी, धर्मकोट महिला मंडल प्रधान शीमा देवी, शीला देवी समेत समस्त ग्रामीणों ने कहा कि उनके स्वरोजगार के माध्यम को शीघ्र ही बहाल किया जाना चाहिए अन्यथा ग्रामीण अपने स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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नर्सिंग होम में गर्भवती की मौत पर मांगा न्याय
धर्मशाला। दाडनू गांव के ऋषि कुमार ने गांव के लोगों के साथ मिल कर एक बार फिर जिला उपायुक्त संदीप कुमार को ज्ञापन पत्र सौंपा। ऋषि समेत ग्रामीणों ने निजी नर्सिंग होम पर उपचार में कोताही बरतने का आरोप लगाया था। इस निजी नर्सिंग होम में कुछ दिन पहले ही दाड़नू गांव की युवती रमा देवी को उपचार के लिए लाया गया था, जहां उसकी मौत हेे गई थी। ज्ञापन में बताया कि नर्सिंग होम में महिला के साथ उपचार के दौरान अनियमितताएं बरती गई थीं। नर्सिंग होम पर विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। रमा देवी के परिवार और ग्रामीणों में रोष है। परिवार के मुताबिक निजी नर्सिंग होम के खिलाफ वे पहले भी जिला स्तर पर प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई भी उचित कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। मृतका के भाई ऋषि कुमार ने ग्रामीणों के साथ मिल कर जिला कांगड़ा के सीएमओ से भी इस मामले पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ऋषि कुमार ने बताया कि वह दो फरवरी को गर्भवती बहन राम को उपचार के लिए जोनल अस्पताल धर्मशाला में ले आया था लेकिन वहां पर गायनी विशेषज्ञ न होने के चलते रमा को उपचार के बाद घर आना पड़ा। उसके बाद रमा की हालत काफी बिगड़ गई जिसके चलते उसे निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। उपायुक्त ने भी परिवार वालों का जल्द ही इस मामले पर ठोस कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया।
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धर्मशाला। भागसूनाग और धर्मकोट के लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि सरकार ने अनधिकृत रूप से चल रहे होटलों के साथ होम स्टे योजना के तहत बनाए गए अधिकृत गेस्ट हाउस के भी बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। वर्ष में केवल तीन माह ही इन पर्यटन स्थलों में कारोबार की संभावना रहती है लेकिन लोगों की आजीविका पर सरकार ने डाका मार दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रोजगार अपनाया था, लेकिन उसे सरकार बंद कर रही है और वे बेरोजगार हो गए हैं।
भागसूनाग और धर्मकोट के लोगों ने शिकायत पत्र डीसी कांगड़ा को सौंपा और मांग की कि गलत तरीके से गेस्ट हाउस के काटे गए बिजली-पानी के कनेक्शन दोबारा बहाल किए जाएं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने होम स्टे योजना के अंतर्गत सरकारी नियमों के तहत ही गेस्ट हाउस बनाए हैं।
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उन सबके नक्शे भी सरकारी नियमों के तहत ही बने हैं। सभी ने विभाग से कामर्शियल बिजल-पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन भी किया हुआ है लेकिन विभाग की ओर से इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। धर्मकोट निवासी निशा कपूर ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं। उनकी आय का केवल यही एक मात्र सहारा है, जिसकी बिजली-पानी का कनेक्शन विभाग की ओर से अनधिकृत रूप से काटा गया है। चतर सिंह चौहान ने बताया कि विभाग की ओर से जिन गेस्ट हाउस के बिजली-पानी के कनेक्शन काटे गए हैं, उन्हें शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए। कुलदीप सिंह, हंसराज, कुलदीप नैहरिया, होशियार सिंह, मदन लाल, रमेश, कमलेश कुमार, संजीव नैहरिया, रजनी चौहान, भागसनागू महिला मंडल प्रधान तृप्ता देवी, धर्मकोट महिला मंडल प्रधान शीमा देवी, शीला देवी समेत समस्त ग्रामीणों ने कहा कि उनके स्वरोजगार के माध्यम को शीघ्र ही बहाल किया जाना चाहिए अन्यथा ग्रामीण अपने स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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नर्सिंग होम में गर्भवती की मौत पर मांगा न्याय
धर्मशाला। दाडनू गांव के ऋषि कुमार ने गांव के लोगों के साथ मिल कर एक बार फिर जिला उपायुक्त संदीप कुमार को ज्ञापन पत्र सौंपा। ऋषि समेत ग्रामीणों ने निजी नर्सिंग होम पर उपचार में कोताही बरतने का आरोप लगाया था। इस निजी नर्सिंग होम में कुछ दिन पहले ही दाड़नू गांव की युवती रमा देवी को उपचार के लिए लाया गया था, जहां उसकी मौत हेे गई थी। ज्ञापन में बताया कि नर्सिंग होम में महिला के साथ उपचार के दौरान अनियमितताएं बरती गई थीं। नर्सिंग होम पर विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। रमा देवी के परिवार और ग्रामीणों में रोष है। परिवार के मुताबिक निजी नर्सिंग होम के खिलाफ वे पहले भी जिला स्तर पर प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई भी उचित कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। मृतका के भाई ऋषि कुमार ने ग्रामीणों के साथ मिल कर जिला कांगड़ा के सीएमओ से भी इस मामले पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ऋषि कुमार ने बताया कि वह दो फरवरी को गर्भवती बहन राम को उपचार के लिए जोनल अस्पताल धर्मशाला में ले आया था लेकिन वहां पर गायनी विशेषज्ञ न होने के चलते रमा को उपचार के बाद घर आना पड़ा। उसके बाद रमा की हालत काफी बिगड़ गई जिसके चलते उसे निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। उपायुक्त ने भी परिवार वालों का जल्द ही इस मामले पर ठोस कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया।