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5 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस को चुनौती देंगे बागी
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:35 PM IST
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सुनील चड्ढा
धर्मशाला। नामांकन वापसी के बाद सूबे को सत्ता का रास्ता दिखाने वाले सबसे बड़े जिला कांगड़ा में सियासी तस्वीर साफ हो गई है। कांगड़ा के चुनावी दंगल में 15 सीटों पर 94 उम्मीदवार जीत के लिए रणभेरी भरेंगे। जिला की कुछ सीटों पर अंतिम समय तक भाजपा और कांग्रेस से बागी हुए नेताओं ने नामांकन वापस न लेकर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के समक्ष राजनीतिक चुनौती पैदा कर दी है।
सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के गढ़ में हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद तस्वीर साफ हो गई। इस हॉट सीट पर भाजपा प्रत्याशी इंदु गोस्वामी के खिलाफ उनकी ही पार्टी के पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा उनको चुनौती देंगे। हालांकि, कांग्रेस में टिकट के दावेदार रहे गोकुल बुटेल ने बगावत के बजाय सोशल मीडिया में अपना दर्द बयां कर मौन धारण कर लिया था।
उधर, हर बार नया एमएलए चुनने वाली कांगड़ा सीट पर कांग्रेस में फैले सियासी रायता को पार्टी ने समेटने की कोशिश जरूर की, लेकिन पूरी तरह सफल नहीं पाई। यहां अपने राजनीतिक गुरु बाली के कहने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जसवाल ने बतौर आजाद प्रत्याशी भरा नामांकन वापस लेकर पार्टी को कुछ राहत दी, लेकिन यहां से बागी हुए डॉ. राजेश ने चुनावी ताल ठोककर पार्टी के लिए सियासी कांटे जरूर बिछा दिए। यहां भाजपा ने बागी हुए उत्तम चौधरी को पहले ही मैनेज कर लिया था। वहीं, हॉट सीट शाहपुर में कांग्रेस बतौर आजाद प्रत्याशी मैदान में उतरे पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया को मनाने में सफल नहीं हो पाई। यहां मेजर कांग्रेस प्रत्याशी के समक्ष चुनौती पैदा करेंगे। फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से बागी हुए राजन सुशांत, बलदेव ठाकुर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी कृपाल परमार को चुनौती देंगे। अंतिम समय तक पूर्व प्रत्याशी बलदेव ठाकुर को भाजपा नहीं मना पाई। धर्मशाला में कांग्रेस से बागी हुए पार्टी पदाधिकारी दिग्विजय पुरी ने भी मान मनौव्वल के बाद नामांकन वापस नहीं लिया। अब पुरी बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को चुनौती देंगे। नामांकन वापसी से पहले भाजपा ने नूरपुर में नाराज रणवीर सिंह निक्का और इंदौरा से मनोहर धीमान, धर्मशाला से ओंकार नैहरिया को मना लिया था। उधर, देहरा में नाराज योगराज को कांग्रेस ने भी मनाने में सफलता हासिल कर ली थी। तस्वीर साफ होने के बाद पालमुपर, धर्मशाला, शाहपुर, कांगड़ा में त्रिकोणीय और फतेहपुर में चौकोने मुकाबले के आसार बन गए हैं।
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धर्मशाला। नामांकन वापसी के बाद सूबे को सत्ता का रास्ता दिखाने वाले सबसे बड़े जिला कांगड़ा में सियासी तस्वीर साफ हो गई है। कांगड़ा के चुनावी दंगल में 15 सीटों पर 94 उम्मीदवार जीत के लिए रणभेरी भरेंगे। जिला की कुछ सीटों पर अंतिम समय तक भाजपा और कांग्रेस से बागी हुए नेताओं ने नामांकन वापस न लेकर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के समक्ष राजनीतिक चुनौती पैदा कर दी है।
सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के गढ़ में हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद तस्वीर साफ हो गई। इस हॉट सीट पर भाजपा प्रत्याशी इंदु गोस्वामी के खिलाफ उनकी ही पार्टी के पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा उनको चुनौती देंगे। हालांकि, कांग्रेस में टिकट के दावेदार रहे गोकुल बुटेल ने बगावत के बजाय सोशल मीडिया में अपना दर्द बयां कर मौन धारण कर लिया था।
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उधर, हर बार नया एमएलए चुनने वाली कांगड़ा सीट पर कांग्रेस में फैले सियासी रायता को पार्टी ने समेटने की कोशिश जरूर की, लेकिन पूरी तरह सफल नहीं पाई। यहां अपने राजनीतिक गुरु बाली के कहने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जसवाल ने बतौर आजाद प्रत्याशी भरा नामांकन वापस लेकर पार्टी को कुछ राहत दी, लेकिन यहां से बागी हुए डॉ. राजेश ने चुनावी ताल ठोककर पार्टी के लिए सियासी कांटे जरूर बिछा दिए। यहां भाजपा ने बागी हुए उत्तम चौधरी को पहले ही मैनेज कर लिया था। वहीं, हॉट सीट शाहपुर में कांग्रेस बतौर आजाद प्रत्याशी मैदान में उतरे पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया को मनाने में सफल नहीं हो पाई। यहां मेजर कांग्रेस प्रत्याशी के समक्ष चुनौती पैदा करेंगे। फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से बागी हुए राजन सुशांत, बलदेव ठाकुर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी कृपाल परमार को चुनौती देंगे। अंतिम समय तक पूर्व प्रत्याशी बलदेव ठाकुर को भाजपा नहीं मना पाई। धर्मशाला में कांग्रेस से बागी हुए पार्टी पदाधिकारी दिग्विजय पुरी ने भी मान मनौव्वल के बाद नामांकन वापस नहीं लिया। अब पुरी बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को चुनौती देंगे। नामांकन वापसी से पहले भाजपा ने नूरपुर में नाराज रणवीर सिंह निक्का और इंदौरा से मनोहर धीमान, धर्मशाला से ओंकार नैहरिया को मना लिया था। उधर, देहरा में नाराज योगराज को कांग्रेस ने भी मनाने में सफलता हासिल कर ली थी। तस्वीर साफ होने के बाद पालमुपर, धर्मशाला, शाहपुर, कांगड़ा में त्रिकोणीय और फतेहपुर में चौकोने मुकाबले के आसार बन गए हैं।
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