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सउदी अरब से भारत नहीं पहुंचा ओंकार का शव
Updated Sat, 03 Mar 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लंज (कांगड़ा)। सऊदी अरब में आठ दिन पहले दिल का दौरा पड़ने से दुनिया छोड़ गए मनेई पंचायत के डिव्वर गांव के ओंकार सिंह पुत्र पूर्ण चंद का शव अभी भी परिवार के सदस्यों को नहीं मिल पाया है। मौत के आठ दिन बाद भी परिवार के सदस्य ओंकार सिंह के शव का इंतजार कर रहे हैं। ओंकार की 23 फरवरी को दिल का दौरा पड़ने से सऊदी अरब में मौत हुई थी।
ओंकार सिंह रियाद में एक निजी कंपनी में पिछले दस साल से नौकरी कर रहा था। ओंकार सिंह की मौत की खबर सऊदी अरब में ही नौकरी करने वाले उनके बड़े भाई शमशेर सिंह को दी गई। शमशेर सिंह ने घर में बिना बताए अपने छोटे भाई के शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन, वह उसमें सफल नहीं हो पाया। ऐसे में शमशेर सिंह ने स्वयं परिवार के सदस्यों को फोन पर इस संबंध में जानकारी दी। मृतक का एक अन्य भाई नरेंद्र भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। नरेंद्र ने बताया कि ओंकार सिंह के शव को भारत लाने के सभी प्रयास असफल हो रहे हैं। ओंकार सिंह अपने पीछे अपनी पत्नी रेणू (36) और दो बेटियां सिया (11) और सचना (दो) को छोड़ गया है। वहीं ओंकार के पिता ने बताया कि उन्होंने शहरी विकास मंत्री एवं शाहपुर की विधायक सरवीण चौधरी से मिल कर मदद की गुहार लगाई है। इस पर उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से स्वयं बात का ओंकार सिंह के शव को भारत लाने में सहायता करने का आग्रह किया है। ओंकार सिंह के पिता पूर्ण चंद और पत्नी रेणू देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और लोक सभा सांसद शांता कुमार से भी मदद की गुहार लगाई है।
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लंज (कांगड़ा)। सऊदी अरब में आठ दिन पहले दिल का दौरा पड़ने से दुनिया छोड़ गए मनेई पंचायत के डिव्वर गांव के ओंकार सिंह पुत्र पूर्ण चंद का शव अभी भी परिवार के सदस्यों को नहीं मिल पाया है। मौत के आठ दिन बाद भी परिवार के सदस्य ओंकार सिंह के शव का इंतजार कर रहे हैं। ओंकार की 23 फरवरी को दिल का दौरा पड़ने से सऊदी अरब में मौत हुई थी।
ओंकार सिंह रियाद में एक निजी कंपनी में पिछले दस साल से नौकरी कर रहा था। ओंकार सिंह की मौत की खबर सऊदी अरब में ही नौकरी करने वाले उनके बड़े भाई शमशेर सिंह को दी गई। शमशेर सिंह ने घर में बिना बताए अपने छोटे भाई के शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन, वह उसमें सफल नहीं हो पाया। ऐसे में शमशेर सिंह ने स्वयं परिवार के सदस्यों को फोन पर इस संबंध में जानकारी दी। मृतक का एक अन्य भाई नरेंद्र भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। नरेंद्र ने बताया कि ओंकार सिंह के शव को भारत लाने के सभी प्रयास असफल हो रहे हैं। ओंकार सिंह अपने पीछे अपनी पत्नी रेणू (36) और दो बेटियां सिया (11) और सचना (दो) को छोड़ गया है। वहीं ओंकार के पिता ने बताया कि उन्होंने शहरी विकास मंत्री एवं शाहपुर की विधायक सरवीण चौधरी से मिल कर मदद की गुहार लगाई है। इस पर उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से स्वयं बात का ओंकार सिंह के शव को भारत लाने में सहायता करने का आग्रह किया है। ओंकार सिंह के पिता पूर्ण चंद और पत्नी रेणू देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और लोक सभा सांसद शांता कुमार से भी मदद की गुहार लगाई है।
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