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Kangra News: धर्मशाला अस्पताल में चार माह से नहीं हो रहे हार्मोन टेस्ट
Tue, 25 Aug 2026 01:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:44 AM IST
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में करीब चार माह से थायराइड और अन्य महत्वपूर्ण हार्मोनल जांच की सुविधा प्रभावित है। संबंधित मशीन के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी न होने के कारण मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। बताया जा रहा है कि इन जांचों का टेंडर दो साल की अवधि के लिए किया जाना है। विभागीय लेटलतीफी के चलते यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, थायराइड मशीन के संचालन के लिए पिछला टेंडर 31 मार्च 2026 को पूरा हो गया है। इसके बाद नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जानी थी जिसमें देरी हो रही है। मशीन का संचालन न होने के कारण अस्पताल की लैब में टी-3, टी-4, टीएसएच, विटामिन डी, सीए-125, एलएच और एफएसएच समेत कई महत्वपूर्ण हार्मोनल जांचें प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को जांच के लिए परिसर स्थित क्रस्ना लैब या निजी प्रयोगशालाओं का रुख करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और थायराइड से पीड़ित मरीजों को उठानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर स्थित क्रस्ना लैब में भी जांच करवाने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं।
मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर हार्मोनल जांच की सुविधा बहाल की जाए।
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थायराइड मशीन के संचालन के लिए टेंडर प्रकिया वर्तमान में चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही अस्पताल की लैब में ही दोबारा से थायराइड और अन्य हार्मोनल टेस्ट की सुविधा बहाल हो सकेगी। -डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल, धर्मशाला
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अस्पताल सूत्रों के अनुसार, थायराइड मशीन के संचालन के लिए पिछला टेंडर 31 मार्च 2026 को पूरा हो गया है। इसके बाद नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जानी थी जिसमें देरी हो रही है। मशीन का संचालन न होने के कारण अस्पताल की लैब में टी-3, टी-4, टीएसएच, विटामिन डी, सीए-125, एलएच और एफएसएच समेत कई महत्वपूर्ण हार्मोनल जांचें प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को जांच के लिए परिसर स्थित क्रस्ना लैब या निजी प्रयोगशालाओं का रुख करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और थायराइड से पीड़ित मरीजों को उठानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर स्थित क्रस्ना लैब में भी जांच करवाने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं।
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मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर हार्मोनल जांच की सुविधा बहाल की जाए।
थायराइड मशीन के संचालन के लिए टेंडर प्रकिया वर्तमान में चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही अस्पताल की लैब में ही दोबारा से थायराइड और अन्य हार्मोनल टेस्ट की सुविधा बहाल हो सकेगी। -डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल, धर्मशाला
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