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Kangra News: बरसात ने बढ़ाए सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज
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धर्मशाला। बरसात के मौसम में लगातार हो रही बारिश, उच्च नमी और तापमान में अचानक आ रहे उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों ने पांव पसार लिए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में उछाल दर्ज किया गया है। अस्पताल की सामान्य रोग ओपीडी में रोजाना लगभग 100 मरीज इन लक्षणों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
पीड़ितों में नन्हें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। लोगों में मुख्य रूप से गले में तेज खराश, बहती नाक, लगातार खांसी, तेज बुखार और बदन दर्द जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) के कारण बच्चे और वृद्ध इस मौसमी संक्रमण की चपेट में सबसे तेजी से आ रहे हैं।
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बचाव के लिए प्रमुख सावधानियां
भीगने से बचें: बारिश में भीगने की स्थिति में तुरंत गीले कपड़े बदलें और शरीर को पूरी तरह सूखा रखें।
स्वच्छ पानी और खानपान: केवल उबला हुआ या पूरी तरह शुद्ध व ताजा पानी पिएं। बासी या खुले में रखा भोजन करने से बचें।
साफ-सफाई: घर और आसपास जलभराव न होने दें तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
सेल्फ-मेडिकेशन से बचें: लगातार बुखार या अन्य लक्षण बने रहने पर बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
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मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और नमी के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके चलते सामान्य रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि बुखार दो-तीन दिन से अधिक बना रहे या सांस लेने में तकलीफ हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे रहने के बजाय तुरंत अस्पताल आकर चिकित्सकीय परामर्श लें। -डॉ. उदय सिंह, सामान्य रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल, धर्मशाला
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पीड़ितों में नन्हें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। लोगों में मुख्य रूप से गले में तेज खराश, बहती नाक, लगातार खांसी, तेज बुखार और बदन दर्द जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) के कारण बच्चे और वृद्ध इस मौसमी संक्रमण की चपेट में सबसे तेजी से आ रहे हैं।
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बचाव के लिए प्रमुख सावधानियां
भीगने से बचें: बारिश में भीगने की स्थिति में तुरंत गीले कपड़े बदलें और शरीर को पूरी तरह सूखा रखें।
स्वच्छ पानी और खानपान: केवल उबला हुआ या पूरी तरह शुद्ध व ताजा पानी पिएं। बासी या खुले में रखा भोजन करने से बचें।
साफ-सफाई: घर और आसपास जलभराव न होने दें तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
सेल्फ-मेडिकेशन से बचें: लगातार बुखार या अन्य लक्षण बने रहने पर बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और नमी के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके चलते सामान्य रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि बुखार दो-तीन दिन से अधिक बना रहे या सांस लेने में तकलीफ हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे रहने के बजाय तुरंत अस्पताल आकर चिकित्सकीय परामर्श लें। -डॉ. उदय सिंह, सामान्य रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल, धर्मशाला
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