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4 बजे खुलेंगे मंदिर के कपाट, 5 बजे से दर्शन शुरु
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:33 PM IST
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चार बजे खुलेंगे मंदिर के कपाट, 5 बजे से होंगे मां ज्वाला के दर्शन
श्रावण अष्टमी मेलों के लिए सात सेक्टरों में बंटा ज्वालामुखी
10 बजे तक स्थानीय लोगों के लिए दर्शनों की विशेष व्यवस्था रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी में रविवार से श्रावण अष्टमी मेले विधिवत पूजा अर्चना के बाद शुरू होंगे। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खुलेंगे और 5 बजे से लेकर 10 बजे तक स्थानीय लोगों के लिए दर्शनों की विशेष व्यवस्था रहेगी।
ज्वालामुखी मंदिर में नौ दिन तक चलने वाले श्रावण अष्टमी मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ज्वालामुखी मंदिर में मेलों के दौरान अतिरिक्त कर्मी रखे गए हैं जो कि श्रद्धालुओं को पीने का पानी, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखेंगे। मां ज्वाला देवी का दरबार रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सजना शुरू हो गया है। मंदिर कर्मचारियों, मेला ड्यूटी पर अस्थायी कर्मचारियों, पुजारियों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही इन्हें लगाना भी अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कन्या पूजना स्थल, मुंडन स्थल का विशेष रुप से प्रबंध किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर 51 सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम से चप्पे चप्पे तक हर गतिविधि पर नजर रहेगी। हर श्रद्धालु को मैटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद ही दर्शनों को भेजा जाएगा। शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है, जिसमें चिह्नित स्थानों पर पार्किंग की सुविधा रहेगी। नादौन, कांगड़ा, देहरा मार्ग पर पुलिस की चौकियां रहेंगी, जो कि हर वाहन की चेकिंग कर पार्किंग में वाहन लगाकर बेहतर व्यवस्था बनाने का कार्य करेंगी। सरायों में लाउड स्पीकरों पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर न्यास सदस्यों कृष्ण स्वरूप, जेपी दत्ता, शशि चौधरी, देशराज भारती, त्रिलोक चौधरी, सौरभ शर्मा, प्रशांत शर्मा, मधुसूदन शर्मा, शैलेश शर्मा आदि ने ज्वालाजी मंदिर में मेलों की तैयारियों का संयुक्त रूप से जायजा लेकर संतोष प्रकट करते हुए कहा कि समस्त न्यास सदस्यों ने निर्णय लिया है कि मेला के दौरान मंदिर में बेहतर दर्शन सुविधा श्रद्धालुओं को मिले यह सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं मौजूद रहेंगे। वहीं सहायक मंदिर आयुक्त एवं एसडीएम ज्वालामुखी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेलों को लेकर व्यापक प्रबंध किए हैं। नवरात्र के दौरान आग्नेय अस्त्र शस्त्र लाने लेे जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। वहीं मंदिर में पांच आरतियां होंगी।
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श्रावण अष्टमी मेलों के लिए सात सेक्टरों में बंटा ज्वालामुखी
10 बजे तक स्थानीय लोगों के लिए दर्शनों की विशेष व्यवस्था रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी में रविवार से श्रावण अष्टमी मेले विधिवत पूजा अर्चना के बाद शुरू होंगे। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे खुलेंगे और 5 बजे से लेकर 10 बजे तक स्थानीय लोगों के लिए दर्शनों की विशेष व्यवस्था रहेगी।
ज्वालामुखी मंदिर में नौ दिन तक चलने वाले श्रावण अष्टमी मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ज्वालामुखी मंदिर में मेलों के दौरान अतिरिक्त कर्मी रखे गए हैं जो कि श्रद्धालुओं को पीने का पानी, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखेंगे। मां ज्वाला देवी का दरबार रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सजना शुरू हो गया है। मंदिर कर्मचारियों, मेला ड्यूटी पर अस्थायी कर्मचारियों, पुजारियों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही इन्हें लगाना भी अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कन्या पूजना स्थल, मुंडन स्थल का विशेष रुप से प्रबंध किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर 51 सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम से चप्पे चप्पे तक हर गतिविधि पर नजर रहेगी। हर श्रद्धालु को मैटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद ही दर्शनों को भेजा जाएगा। शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है, जिसमें चिह्नित स्थानों पर पार्किंग की सुविधा रहेगी। नादौन, कांगड़ा, देहरा मार्ग पर पुलिस की चौकियां रहेंगी, जो कि हर वाहन की चेकिंग कर पार्किंग में वाहन लगाकर बेहतर व्यवस्था बनाने का कार्य करेंगी। सरायों में लाउड स्पीकरों पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर न्यास सदस्यों कृष्ण स्वरूप, जेपी दत्ता, शशि चौधरी, देशराज भारती, त्रिलोक चौधरी, सौरभ शर्मा, प्रशांत शर्मा, मधुसूदन शर्मा, शैलेश शर्मा आदि ने ज्वालाजी मंदिर में मेलों की तैयारियों का संयुक्त रूप से जायजा लेकर संतोष प्रकट करते हुए कहा कि समस्त न्यास सदस्यों ने निर्णय लिया है कि मेला के दौरान मंदिर में बेहतर दर्शन सुविधा श्रद्धालुओं को मिले यह सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं मौजूद रहेंगे। वहीं सहायक मंदिर आयुक्त एवं एसडीएम ज्वालामुखी राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेलों को लेकर व्यापक प्रबंध किए हैं। नवरात्र के दौरान आग्नेय अस्त्र शस्त्र लाने लेे जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। वहीं मंदिर में पांच आरतियां होंगी।
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